उत्तर प्रदेश : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के यूपी दौरे के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा हो गया। राहुल गांधी के काफिले में चल रही गाड़ियां आपस में भिड़ गईं। बताया जा रहा है कि हादसा 91 किलोमीटर वाले माइलस्टोन के पास हुआ, जहां पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं, पार्टी के पदाधिकारियों और सुरक्षा में लगे लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, राहत की बात है कि राहुल गांधी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। दरअसल, राहुल गांधी सोमवार को यूपी पहुंचे थे। उन्हें सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में मानहानि के मामले की सुनवाई में शामिल होना था। इसी सिलसिले में वे वहां जा रहे थे, तभी रास्ते में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उनके काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गईं।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुआ। यहां राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। हादसे में पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी सुरक्षित हैं।

सुल्तानपुर कोर्ट में राहुल गांधी के मानहानि मामले पर फैसला
राहुल गांधी सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में चल रहे मानहानि मामले में फैसले के सिलसिले में वहां जा रहे थे। इस मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। खबर के मुताबिक, अदालत सोमवार को फैसला सुनाने वाली थी। राहुल गांधी लखनऊ से सड़क मार्ग के जरिए सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे। इसी यात्रा के दौरान उनके काफिले की गाड़ियां हादसे का शिकार हो गईं।
अगस्त 2018 में दर्ज हुआ था मानहानि का मामला
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला अगस्त 2018 में दर्ज कराया गया था। शिकायत के मुताबिक, मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी से आहत होकर सुल्तानपुर के तत्कालीन सहकारी बैंक अध्यक्ष विजय मिश्रा ने अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। शिकायत के आधार पर अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने 13 अक्टूबर को मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।




