गिरिडीह : गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के मानिकबाद में दुर्गा पूजा खत्म होने के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में जमकर हंगामा हुआ। बीती रात मगहिया कलाकार रौशन रोही और निशा दुबे के कार्यक्रम के दौरान अचानक भीड़ बेकाबू हो गई। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। हालात संभालने और भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
Read More : रांची चिड़ियाघर में गूंजी किलकारी, हिप्पोपोटेमस की संख्या हुई 11
कलाकारों को करीब से देखने के लिए मची होड़
कार्यक्रम में रौशन रोही और निशा दुबे को देखने के लिए हजारों की भीड़ जुटी थी। कलाकारों को करीब से देखने के लिए लोग आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान कुछ लोगों के बीच पहले गाली-गलौज हुई और फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए और पूरे परिसर में हंगामा होने लगा।
बैरिकेडिंग तोड़ मंच पर चढ़े 100 से अधिक लोग
हंगामे के बीच भीड़ ने सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद 100 से अधिक लोग मंच पर चढ़ गए। स्थिति बिगड़ने पर अचानक कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कलाकारों को चोटें आईं।
पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ा
पथराव और मारपीट की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सख्ती दिखाई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां भांजी गईं और लोगों को मौके से खदेड़ा गया। बाद में आयोजकों ने कार्यक्रम बंद कर दिया। घटना में लोगों के घायल होने की खबरों के बीच खोरी महुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने आम लोगों के घायल होने से इनकार किया है।
एसडीपीओ ने क्या कहा?
खोरी महुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मानिकबाद में रौशन रोही और निशा दुबे का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और 100 से अधिक लोग मंच पर चढ़ गए। इससे कलाकार असुरक्षित महसूस करने लगे। एसडीपीओ के मुताबिक, इसी बीच मंच पर पथराव किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। कलाकारों को भी मामूली चोटें आईं। अनियंत्रित भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने सख्ती बरती और लोगों को खदेड़ा। इसके बाद आयोजकों ने कार्यक्रम बंद कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी आम व्यक्ति घायल नहीं हुआ।




