खूंटी : आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में शुक्रवार को खूंटी में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। लोगों ने मौन जुलूस निकालकर घटना के प्रति नाराजगी जताई और हमले में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। मौन जुलूस में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हुए पीड़ित के लिए न्याय की मांग की। तेज धूप के बीच हाथों में छाते लेकर लंबी कतारों में आगे बढ़ रहे लोगों ने हिंसा के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।
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फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले के खिलाफ जताया आक्रोश
फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए हमले के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मौन जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा स्वीकार्य नहीं है। शिक्षा और समाज सेवा से जुड़े व्यक्ति पर इस तरह का हमला गंभीर मामला है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। उनका कहना था कि मामले में कार्रवाई होने से पीड़ित को न्याय मिलेगा और कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
जुलूस के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात रहे। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की। लोगों ने कहा कि न्याय की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि पीड़ित को इंसाफ मिल सके। मौन जुलूस के जरिए लोगों ने हमले की निंदा करने के साथ शांति और भाईचारे का संदेश भी दिया।
रांची के निजी अस्पताल में चल रहा फादर बारला का इलाज
मालूम हो कि फादर बेनेडिक्ट बारला पर 20 अक्टूबर की रात हमला हुआ था। इसके बाद 21 अक्टूबर की सुबह वह विद्यालय परिसर में खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में मिले थे। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में उचित कानूनी कार्रवाई होने तक वे न्याय की मांग उठाते रहेंगे।




