जीतो के महिला उद्यमी सम्मेलन में 200 से अधिक महिलाओं ने लिया हिस्सा

कोलकाता : कोलकाता के लोकभवन में राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन का आयोजन किया गया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) के महिला प्रकोष्ठ की ओर से हुए इस सम्मेलन में राज्यपाल आर. एन. रवि ने महिला उद्यमियों से बातचीत की। कार्यक्रम में 200 से ज्यादा महिला

जीतो

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कोलकाता : कोलकाता के लोकभवन में राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन का आयोजन किया गया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) के महिला प्रकोष्ठ की ओर से हुए इस सम्मेलन में राज्यपाल आर. एन. रवि ने महिला उद्यमियों से बातचीत की। कार्यक्रम में 200 से ज्यादा महिला उद्यमियों के साथ कारोबार और उद्योग जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हुईं। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़िया काम करने वाली 26 महिला उद्यमियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। अपने संबोधन में राज्यपाल आर. एन. रवि ने कहा कि परिवार से लेकर समाज और देश को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति को आगे बढ़ाने में महिलाओं का योगदान हमेशा से रहा है। महिलाओं का योगदान काफी बड़ा और गहरा है, लेकिन कई बार उनके काम को वह पहचान और सम्मान नहीं मिल पाता, जिसकी वे हकदार हैं।

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महिलाओं को आगे बढ़ने के मिले नए अवसर

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं की शक्ति गहराई से जुड़ी हुई है। आज गरिमा, विश्वास और अवसरों पर आधारित माहौल के कारण उनकी क्षमता अधिक प्रभावी ढंग से सामने आ रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार-केंद्रित शासन व्यवस्था से जन-केंद्रित विकास की ओर हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन ने देश के लोगों की क्षमताओं को सामने लाने और राष्ट्र की प्रगति को गति देने में अहम भूमिका निभाई है। इसमें नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भागीदारी है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव शौचालय, पेयजल और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं से लेकर डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार तक दिखाई देता है। उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों ने भी महिलाओं को अपनी क्षमता साबित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के नए रास्ते दिए हैं।

मुद्रा जैसी योजनाओं से उद्यमिता को बढ़ावा

राज्यपाल आर. एन. रवि ने कहा कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व में छोटे-छोटे बदलावों का नया दौर शुरू हो रहा है। मुद्रा जैसी पहलों से इन प्रयासों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म उद्यमों और नई कंपनियों से लेकर विज्ञान, अंतरिक्ष और लड़ाकू विमान उड़ाने तक, महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा रही हैं। नारी शक्ति भारत के बदलाव और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की एक सशक्त ताकत बनकर उभर रही है।

जीतो महिला प्रकोष्ठ के प्रयासों की सराहना

राज्यपाल ने महिला उद्यमियों को एक मंच पर लाने और उद्यमिता के साथ नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए जीतो महिला प्रकोष्ठ की सराहना की। सम्मेलन की अध्यक्षता जीतो महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष शीतल डूंगर ने की। इस मौके पर राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली 26 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। सम्मेलन में महिला उद्यमिता, नेतृत्व और समाज में महिलाओं के योगदान से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ।

जैन आचार्यों के योगदान और वसुधैव कुटुम्बकम का जिक्र

अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारत की सभ्यतागत यात्रा में जैन आचार्यों, मुनियों और ऋषियों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने अहिंसा की भावना को आगे बढ़ाने और सदियों से भारतीय संस्कार, धर्म व संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन में उनके योगदान को रेखांकित किया। दुनिया में संघर्ष और विभाजन की चुनौतियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल आर. एन. रवि ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से प्रेरित भारत आज भी शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखा रहा है।

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