सिंगरौली : मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में आज यानी शनिवार को दोपहर भूकंप के झटके दर्ज किए गए। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार भूकंप दोपहर 2 बजकर 12 मिनट 35 सेकंड पर दर्ज किया गया। फिलहाल इससे संबंधित आंकड़े शुरुआती हैं।
EQ of M: 3.5, On: 17/10/2026 14:12:35 IST, Lat: 24.239 N, Long: 82.502 E, Depth: 10 Km, Location: Singrauli, Madhya Pradesh.
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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी की बाहरी परत कई टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं। जहां प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या उनके बीच खिंचाव होता है, वहां भूगर्भीय दबाव बढ़ सकता है। जब चट्टानों में जमा दबाव अचानक निकलता है, तो ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है। इसी ऊर्जा के कारण धरती में कंपन महसूस होता है, जिसे भूकंप कहा जाता है।
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क्या होता है भूकंप का केंद्र और तीव्रता?
भूकंप का केंद्र या एपिसेंटर पृथ्वी की सतह पर वह स्थान होता है, जो जमीन के भीतर भूकंप शुरू होने वाले केंद्र के ठीक ऊपर स्थित होता है। भूकंप का वास्तविक उद्गम स्थल पृथ्वी के अंदर होता है, जिसे हाइपोसेंटर या फोकस कहा जाता है। आमतौर पर भूकंप के प्रभाव का स्तर उसके परिमाण, गहराई, केंद्र से दूरी और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। केंद्र के आसपास कंपन अधिक महसूस हो सकता है, जबकि दूरी बढ़ने के साथ इसका प्रभाव सामान्यतः कम होता जाता है।
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?
भूकंप से निकलने वाली ऊर्जा का आकलन करने के लिए मैग्नीट्यूड यानी परिमाण मापा जाता है। रिक्टर स्केल इसी तरह के मापन के लिए विकसित किया गया था। आज भूकंप के परिमाण का आकलन करने के लिए मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल का भी व्यापक इस्तेमाल किया जाता है। भूकंप का परिमाण और किसी स्थान पर महसूस होने वाले झटकों की तीव्रता अलग-अलग बातें हैं। किसी क्षेत्र में कंपन कितना तेज महसूस होगा और कितना नुकसान हो सकता है, यह भूकंप की गहराई, दूरी, जमीन की प्रकृति और इमारतों की बनावट जैसे कारकों पर भी निर्भर करता है।




