शिमला : हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून के और सक्रिय रहने की संभावना है। राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में शनिवार सुबह से हल्की बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, अब तक वर्षा जनित घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। कई सड़कें बंद हैं और बिजली व पेयजल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
6 और 7 जुलाई को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सोलन और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। इस दिन कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। सबसे अधिक चिंता 6 और 7 जुलाई को लेकर जताई गई है। 6 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
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7 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और हमीरपुर जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर, ऊना, चंबा, कुल्लू और सोलन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 8 और 9 जुलाई को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है और इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल 10 जुलाई के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि कई स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
49 सड़कें बंद, 14 लोगों की गई जान
बीते 24 घंटों में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी रही और अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा दर्ज नहीं हुई। सबसे अधिक 55 मिलीमीटर बारिश कसौली में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मनाली में 51, चंबा के भटियात में 45.3, धर्मपुर (सोलन) में 42.4, शिमला के सराहन में 39.5, कोटखाई में 31.1, चंबा के सलूणी में 26.2, जुब्बड़हट्टी में 25.6, जोत में 21.2, भरमौर में 16.2 और ऊना के भरवाईं में 14 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
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शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा और कुफरी में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। कहीं भी ओलावृष्टि या बर्फबारी नहीं हुई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार शाम तक प्रदेश में 49 सड़कें बंद थीं। तीन बिजली ट्रांसफार्मर और 23 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं। 30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक वर्षा जनित घटनाओं में 14 लोगों की मौत और 24 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पांच लोगों की फिसलने से, एक व्यक्ति के बहने से, तीन लोगों की करंट लगने से, दो लोगों की सड़क हादसों में और तीन अन्य कारणों से मौत हुई है। इस अवधि में नौ कच्चे मकान और पांच पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अगले कुछ दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।




