बक्सर। उत्तर प्रदेश की एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर बिहार में सामूहिक दुष्कर्म और विरोध करने पर गर्म लोहे से जलाने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अमित कुमार शर्मा के न्यायालय ने दो दोषियों मुन्ना नट और गणेश नट उर्फ जतहा नट को प्राकृतिक जीवन की शेष अवधि तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पीड़िता को 18 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। वहीं, तीसरे दोषी जगत नट को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि पॉक्सो एक्ट में नावानगर (सोनवर्षा ओपी) थाना प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पीड़िता उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी।
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वर्ष 2013 में उसे बेहोशी की हालत में बिहार के सोनवर्षा लाया गया और एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। आरोप था कि उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए और भागने की कोशिश करने पर गर्म लोहे से जलाया गया। पीड़िता उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रहने वाली थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह पेश किए। एक आरोपित शांति देवी की मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने मुन्ना नट और गणेश नट को मारपीट और बंधक बनाने के मामले में एक-एक वर्ष तथा अपहरण और अन्य संबंधित अपराधों में 10-
प्रत्येक पर 10-10 हजार जुर्माना भी लगाया गया
दुष्कर्म के मामले में दोनों को प्राकृतिक जीवन की शेष अवधि तक उम्रकैद दी गई। संबंधित धाराओं में प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। तीसरे दोषी जगत नट को भारतीय दंड संहिता की धारा 368 के तहत जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो।
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