धनबाद : कृषि उत्पादन बाजार समिति में कारोबार करने वाले दुकानदारों को अब दुकान का किराया दोगुने से भी अधिक चुकाना होगा। नवंबर से बाजार समिति की सभी छोटी-बड़ी दुकानों का किराया बढ़ाकर 9 रुपये प्रति वर्गफुट कर दिया जाएगा। झारखंड राज्य कृषि विपणन पर्षद बोर्ड ने इस संबंध में निर्णय लिया है। किराये की नई दर लागू होने से बाजार समिति के 436 दुकानदार प्रभावित होंगे। करीब 19 साल बाद किराये में हुई इस बढ़ोतरी से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। नई व्यवस्था के तहत दुकानदारों को अपनी दुकानों के क्षेत्रफल के अनुसार किराया देना होगा। ऐसे में बड़ी दुकानों के संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ अधिक पड़ेगा।
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झारखंड की 28 बाजार समितियों के लिए तय हुईं तीन श्रेणियां
झारखंड की कुल 28 बाजार समितियों में दुकानों के किराये के निर्धारण के लिए तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। प्रथम श्रेणी के लिए 9 रुपये, द्वितीय श्रेणी के लिए 7 रुपये और तृतीय श्रेणी के लिए 5 रुपये प्रति वर्गफुट की दर तय की गई है। धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति को प्रथम श्रेणी में रखा गया है। इसी कारण यहां की दुकानों के लिए 9 रुपये प्रति वर्गफुट किराया निर्धारित किया गया है। नवंबर से नई दर लागू होने के बाद दुकानदारों को बढ़ा हुआ किराया देना होगा।
1984 में स्थापना के समय तय होता था आकार के अनुसार किराया
दुकानदारों के अनुसार, धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। उस समय बोर्ड दुकानों के आकार के आधार पर किराया निर्धारित करता था। इसके बाद अलग-अलग समय पर किराये की दरों में बदलाव किया गया। दुकानदारों ने बताया कि वर्ष 1997 में फल मंडी के बाजार समिति परिसर में आने के बाद किराया 1.25 रुपये प्रति वर्गफुट निर्धारित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2003 के आसपास इसे बढ़ाकर 2 रुपये प्रति वर्गफुट कर दिया गया।
2007 में किराया बढ़ाने पर हुआ था विरोध
वर्ष 2007 में बोर्ड ने दुकानों का किराया बढ़ाकर 4 रुपये प्रति वर्गफुट कर दिया था। इस फैसले का दुकानदारों और विभिन्न चेंबरों ने विरोध किया था। व्यापारियों ने किराया वृद्धि के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। हालांकि, अंत में फैसला कृषि विपणन बोर्ड के पक्ष में आया। इसके बाद से बाजार समिति में दुकानों का किराया 4 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से वसूला जाता रहा।
अब करीब 19 साल बाद किराये में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी की गई है। नई दर के अनुसार, दुकानदारों को अब 4 रुपये के बजाय 9 रुपये प्रति वर्गफुट किराया देना होगा। यह मौजूदा दर से 125 प्रतिशत अधिक है।



