झारखंड सूचना आयोग 6 साल से निष्क्रिय, 150 लोगों ने उठाई आवाज

रांची: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हमर अधिकार मंच और रांची सिटीजन फोरम ने 12 अक्टूबर 2026 को कोकर, रांची में निःशुल्क RTI कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें झारखंड के 20 जिलों से आए 150 प्रतिभागियों

सूचना आयोग
सूचना आयोग पर उठे सवाल

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हमर अधिकार मंच और रांची सिटीजन फोरम ने 12 अक्टूबर 2026 को कोकर, रांची में निःशुल्क RTI कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें झारखंड के 20 जिलों से आए 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में RTI आवेदन तैयार करने, प्रथम अपील और द्वितीय अपील की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबित मामलों की सुनवाई शुरू नहीं होने पर चिंता जताई गई।

Read More : रांची में दुर्गा पूजा से पहले नगर निगम का एक्शन, 50 अतिक्रमण हटाए

RTI आवेदन और अपील की प्रक्रिया बताई गई

कार्यशाला की अध्यक्षता हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष और सर्टिफाइड RTI रिसोर्स पर्सन दीपेश निराला ने की। उन्होंने प्रतिभागियों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 और इसके तहत बने नियमों की जानकारी दी। दीपेश निराला ने बताया कि सरकारी विभागों से सूचना प्राप्त करने के लिए RTI आवेदन कैसे तैयार किया जाता है। निर्धारित अवधि में सूचना नहीं मिलने पर प्रथम अपील और उसके बाद भी समाधान नहीं होने पर सूचना आयोग में द्वितीय अपील करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को RTI कानून के प्रभावी इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना और सूचना प्राप्त करने के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।

सूचना आयोग में लंबित मामलों पर जताई चिंता

कार्यशाला में झारखंड राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली और लंबित मामलों को लेकर चर्चा हुई। आयोजकों और प्रतिभागियों ने दावा किया कि 8 मई 2020 से आयोग में हजारों द्वितीय अपील और शिकायतों की सुनवाई बंद है। इस स्थिति पर उपस्थित लोगों ने चिंता जताई। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 जून 2026 को चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हुई थी और उन्हें 1 जुलाई 2026 को शपथ भी दिलाई गई। इसके बावजूद आयोग में सुनवाई शुरू नहीं होने का मुद्दा कार्यशाला में प्रमुखता से उठा। प्रतिभागियों ने मांग की कि सरकार इस मामले में ठोस कदम उठाए, ताकि आयोग में लंबित मामलों का निपटारा शुरू हो सके और सूचना का अधिकार कानून के तहत लोगों को समय पर न्याय मिल सके।

राष्ट्रपति और न्यायपालिका को लिखेंगे पत्र

कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने निर्णय लिया कि झारखंड राज्य सूचना आयोग को फिर से सक्रिय करने के लिए इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों तथा भारत की राष्ट्रपति के समक्ष लिखित रूप में उठाया जाएगा। प्रतिभागियों ने मांग की कि या तो तत्काल मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति की जाए या पहले से नियुक्त चार सूचना आयुक्तों में से किसी एक को कार्यवाहक मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी देकर सुनवाई शुरू कराई जाए। आयोजकों का कहना है कि आयोग के सक्रिय होने से लंबित द्वितीय अपीलों और शिकायतों की सुनवाई शुरू हो सकेगी तथा राज्य में सूचना का अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।

कई जिलों से पहुंचे प्रतिभागी

कार्यशाला में संस्था के अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, प्रिय ब्रत प्रसाद, नवल किशोर लाल, मीना कुमारी, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, सचिव चंद्रदेव कुमार बरनवाल ‘चंदू’, अनूप श्रीवास्तव, ओम प्रकाश उपाध्याय, आशीष जायसवाल, दीनबंधु कुमार, जूही कुमारी चौधरी, सुजीत कुमार पांडेय, कुमार अभिषेक दुबे और अखिल कुमार सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी मौजूद थे। कार्यक्रम का मंच संचालन रेणुका तिवारी और मीना कुमारी ने किया।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.