पलामू : पलामू टाइगर रिजर्व के गारु इलाके में 25 गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर 31 देसी बंदूकें सरेंडर कर दीं। ग्रामीणों ने वन देवी को साक्षी मानकर अपने हथियार जमा किए। उनका कहना है कि वे प्रकृति की पूजा करते हैं और जंगल के जानवरों को बचाने के लिए ई कदम उठाया है। मालूम हो कि हर साल 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान वन विभाग और पलामू टाइगर रिजर्व की ओर से कई तरह के कार्यक्रम किए जाते हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को गारु इलाके के 25 गांवों के ग्रामीण एक साथ जुटे और वन्यजीवों की रक्षा के लिए खुद आगे आए। ग्रामीणों ने अपने पास रखे 31 देसी हथियार सरेंडर कर दिए। जमा किए गए सभी हथियार देसी बंदूकें हैं।
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नक्सल प्रभावित रहा है पलामू टाइगर रिजर्व का इलाका
पलामू टाइगर रिजर्व का इलाका एक समय काफी ज्यादा नक्सल प्रभावित रहा है। यहां के कई इलाकों में वन्यजीवों के शिकार के लिए देसी हथियारों का इस्तेमाल होता रहा है। नक्सलवाद के दौर में ग्रामीणों तक भी आसानी से देसी हथियार पहुंच गए थे। ऐसे में पलामू टाइगर रिजर्व की ओर से लगातार ग्रामीणों से हथियार सरेंडर करने की अपील की जा रही थी। साल 2025 में ग्रामीणों ने 23 हथियार सरेंडर किए थे। वहीं, 2026 में पहली बार पलामू टाइगर रिजर्व के इतिहास में एक साथ 31 हथियार जमा किए गए हैं।
वन्यजीवों को बचाने के लिए खुद आगे आए ग्रामीण
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक कुमार आशीष ने बताया कि ग्रामीण खुद आगे आए हैं। वे वन्यजीवों को बचाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने हथियार सरेंडर किए हैं। कुमार आशीष के मुताबिक, इस पहल में 25 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। उन्होंने वन देवी को साक्षी मानकर हथियार जमा करने का फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रकृति की पूजा करते हैं और उसकी रक्षा करना चाहते हैं।




