पति शिबू सोरेन का सम्मान लेने दिल्ली पहुंची थीं रूपी सोरेन; राष्ट्रपति ने सौंपा था पद्म भूषण

रूपी सोरेन उस समय भी अस्वस्थ थीं। इसके बावजूद वह पति शिबू सोरेन का सम्मान लेने दिल्ली पहुंची थीं रांची। दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलने का वह पल अब रूपी सोरेन की यादों से भी जुड़ गया है। राष्ट्रपति भवन में

राष्ट्रपति ने सौंपा था पद्म भूषण

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रूपी सोरेन उस समय भी अस्वस्थ थीं। इसके बावजूद वह पति शिबू सोरेन का सम्मान लेने दिल्ली पहुंची थीं

रांची। दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलने का वह पल अब रूपी सोरेन की यादों से भी जुड़ गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिबू सोरेन को पद्म भूषण प्रदान किया था, तब उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया था। कुछ महीने पहले की वह तस्वीर अब रूपी सोरेन के निधन के बाद फिर चर्चा में है।

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रूपी सोरेन उस समय भी अस्वस्थ थीं। इसके बावजूद वह पति शिबू सोरेन का सम्मान लेने दिल्ली पहुंची थीं। विधायक कल्पना सोरेन भी उनके साथ थीं। परिवार के लिए यह शिबू सोरेन के लंबे सार्वजनिक जीवन से जुड़ा एक खास अवसर था।
शिबू सोरेन को लोक कल्याण और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया था। इसी वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने उनके नाम की घोषणा की
शिबू सोरेन लंबे समय तक आदिवासी समाज में नशे के खिलाफ अभियान चलाते रहे। वह लोगों से नशा छोड़ने, खेती करने और पशुपालन को अपनाने की अपील करते थे। शिक्षा को लेकर भी उनका खास जोर रहता था। उनका कहना था कि शिक्षा के जरिए समाज को शोषण से बाहर निकाला जा सकता है।

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गांव-गांव की सभाओं में वह लोगों से अपनी जमीन और मेहनत से जुड़े रहने की बात कहते थे। खेती और पशुपालन को वह आत्मनिर्भरता का जरिया मानते थे। उनके सार्वजनिक जीवन का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं सामाजिक मुद्दों से जुड़ा रहा।
शिबू सोरेन के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। झारखंड के अलग-अलग हिस्सों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी लोग नेमरा पहुंचे थे। आम लोगों से लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी थी। उस समय परिवार के लिए शिबू सोरेन को खोने का दुख था। इसके कुछ समय बाद पद्म भूषण सम्मान लेने दिल्ली पहुंचीं रूपी सोरेन ने उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े एक महत्वपूर्ण सम्मान को ग्रहण किया था।
अब रूपी सोरेन के निधन के बाद शिबू सोरेन का पद्म भूषण ग्रहण करते हुए उनकी तस्वीर और वह दिन एक अलग वजह से याद किया जा रहा है।

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