रांची: झारखंड की कुर्मी राजनीति में प्रभाव रखने वाले आजसू (AJSU) के दिग्गज नेता हरेलाल महतो के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। भारत मित्र के सूत्रों के दावे के मुताबिक, हरेलाल महतो आगामी 11 अक्टूबर को बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।
यदि ऐसा होता है, तो ईचागढ़ विधानसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। लेकिन इस संभावित सियासी बदलाव के बीच सबसे दिलचस्प पहलू उनकी पत्नी रीना महतो का आजसू में बने रहना है। क्या हरेलाल महतो ने बीजेपी में शामिल होने के साथ ही अपना ‘प्लान B’ भी तैयार कर लिया है? अगर बीजेपी से टिकट नहीं मिला, तो क्या रीना महतो आजसू के जरिए चुनावी मैदान में उतरेंगी?
11 अक्टूबर को बीजेपी में शामिल होने का दावा, आजसू छोड़ने की तैयारी!
झारखंड की कुर्मी बेल्ट में अपनी राजनीतिक पकड़ रखने वाले हरेलाल महतो लंबे समय से आजसू पार्टी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आजसू के टिकट पर ईचागढ़ विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा है। अब उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
भारत मित्र के दावे के अनुसार, दशहरा के शुरुआती दौर में 11 अक्टूबर को हरेलाल महतो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो आजसू के लिए ईचागढ़ में यह एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम होगा। वहीं, बीजेपी में उनके संभावित प्रवेश से पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी को लेकर भी नए समीकरण बन सकते हैं।
हरेलाल महतो का ‘प्लान B’ तैयार! पत्नी रीना महतो आजसू में बरकरार
हरेलाल महतो के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच उनकी पत्नी रीना महतो का आजसू में बने रहना सबसे अहम राजनीतिक पहलू बनकर सामने आया है। चर्चा है कि हरेलाल महतो ने संभावित राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अपना ‘प्लान B’ तैयार रखा है। यदि बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें ईचागढ़ से टिकट नहीं मिलता है, तो उनकी पत्नी रीना महतो आजसू के माध्यम से चुनावी मैदान में उतर सकती हैं।
गौरतलब है कि रीना महतो ने 2024 के विधानसभा चुनाव में भी नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उनका नामांकन खारिज होने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ पाई थीं। ऐसे में उनकी आजसू में सक्रियता और हरेलाल महतो के संभावित बीजेपी प्रवेश को लेकर नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद भी आसान नहीं होगी टिकट की राह
हरेलाल महतो के सामने बीजेपी में शामिल होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती ईचागढ़ विधानसभा सीट से टिकट हासिल करने की होगी। इस सीट पर बीजेपी के कई नेता पहले से ही अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी में शामिल होने के बावजूद उन्हें टिकट मिलना आसान नहीं होगा।
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में हरेलाल महतो ने ईचागढ़ सीट पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था। उनका यह प्रदर्शन क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है। अब सवाल यह है कि बीजेपी उनके पिछले चुनावी प्रदर्शन और स्थानीय प्रभाव को कितना महत्व देती है और क्या उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाएगा?
पति बीजेपी में, पत्नी आजसू में! ईचागढ़ में बनेगा नया सियासी समीकरण?
हरेलाल महतो के संभावित दलबदल के बीच उनकी पत्नी रीना महतो का आजसू में बने रहना ईचागढ़ की राजनीति का सबसे दिलचस्प पहलू बन सकता है। यदि हरेलाल महतो बीजेपी में शामिल होते हैं और उन्हें टिकट नहीं मिलता है, तो क्या रीना महतो आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी? क्या पति-पत्नी अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहकर एक ही विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करेंगे?
यह भी सवाल है कि हरेलाल महतो के बीजेपी में जाने से आजसू के कुर्मी वोट बैंक और ईचागढ़ में पार्टी की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा। वहीं, बीजेपी में पहले से मौजूद दावेदारों के बीच हरेलाल महतो की संभावित दावेदारी किस तरह आकार लेगी, यह भी देखने वाली बात होगी।





