रांची। राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र स्थित साउथ ऑफिस पाड़ा के समृद्धि कॉम्प्लेक्स निवासी 66 वर्षीय शाहिना खातून साइबर ठगी का शिकार हो गईं। ठग ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताकर मकान किराए पर लेने का झांसा दिया और ऑनलाइन भुगतान के बहाने उनके बैंक खाते से 2.99 लाख रुपये उड़ा लिए। इस संबंध में साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
मकान किराए पर देने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया
प्राथमिकी के अनुसार, शाहिना खातून और उनके पति ने अपना मकान किराए पर देने के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया था। विज्ञापन देखने के बाद आरोपी ने आशिष कुमार पहाड़ी (फर्जी नाम) बताकर संपर्क किया। उसने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया और विश्वास जीतने के लिए व्हाट्सएप पर आधार कार्ड एवं पैन कार्ड की कापी भी भेजी। आरोपी ने एडवांस किराया भेजने का बहाना बनाते हुए पीड़िता को फोनपे, गूगल पे और यूनियन बैंक के यूनियन ईज ऐप का उपयोग करने के लिए कहा।
आईएमपीएस के माध्यम से 2,99,500 रुपये निकाले
बातचीत के दौरान उसने चालाकी से ओटीपी, सिक्योरिटी पिन और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद 28 जून 2026 की रात करीब 9:06 बजे पीड़िता के यूनियन बैंक खाते से आईएमपीएस के माध्यम से 2,99,500 रुपये निकाल लिए गए।
ठगी का एहसास होने पर दंपती ने आरोपी से संपर्क किया। इस दौरान आरोपी ने उन्हें गुमराह करने के लिए एक फर्जी एसएमएस भेजा, जिसमें राशि वापस खाते में जमा होने का दावा किया गया। हालांकि बैंक खाते की जांच करने पर यह दावा पूरी तरह झूठा निकला।
घटना के बाद पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही ठगी की गई राशि की रिकवरी के लिए लाभार्थी खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।




