रांची : डीसी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में जल जीवन मिशन (JJM) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (SBM-G) के तहत जिले में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी बादल राज, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पूर्वी और पश्चिमी के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता सहित संबंधित पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
Read More : SIR के विरोध में रांची में AISA का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
JJM की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
डीसी ने जल जीवन मिशन की प्रमंडलवार प्रगति की जानकारी ली। पूर्वी और पश्चिमी दोनों प्रमंडलों में संचालित MVS (Multi Village Scheme) और SVS (Single Village Scheme) के कार्यों की स्थिति तथा लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। SVS क्लस्टर प्रोग्रेस की भी समीक्षा की गई। संबंधित JEs और अभियंताओं को स्थल पर जाकर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।
योजनाओं की गुणवत्ता और भौतिक सत्यापन पर जोर
डीसी ने सहायक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने नियमित स्थल निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी करने को कहा। योजनाओं से संबंधित डॉक्यूमेंटेशन को अद्यतन रखने और कार्यों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
SBM-G के तहत IHHL निर्माण की समीक्षा
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान चालू वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) निर्माण की प्रखंडवार स्थिति की जानकारी ली गई। डीसी ने पात्र लाभुकों का शीघ्र चयन कर निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने लाभुकों के चयन में ऑनलाइन माध्यम के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।
मॉडल विलेज के काम में तेजी के निर्देश
बैठक में मॉडल विलेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को शेष गांवों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों को बेहतर बनाने और लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मॉडल विलेज के रूप में विकसित किए जा रहे गांवों में सभी आवश्यक कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा होने के बाद स्थल पर सत्यापन कराया जाए और कमियों को चिह्नित कर तत्काल सुधार किया जाए। डीसी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




