रांची : जैन धर्म के पर्वराज पर्युषण के दसवें दिन अनंत चतुर्दशी पर श्रद्धाभाव से उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की गई। इस अवसर पर 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक निर्वाण लाड़ू अर्पित कर मनाया गया। अपर बाजार जैन मंदिर में धर्मचंद, नवनीत कुमार पाटोदी परिवार तथा कमल कुमार, सौरभ कुमार, निखिल कुमार और दक्ष कुमार लुहाड़िया परिवार ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया। वहीं वासुपूज्य जिनालय में नरेंद्र कुमार, अंकुर कुमार, स्वरित कुमार पाण्ड्या परिवार तथा अशोक कुमार, अंकित कुमार, अनीश कुमार, अव्यान और पदमराज सेठी परिवार की ओर से शांतिधारा की गई।
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इसके बाद बाहर से पधारे पंडित प्रदीप शास्त्री पीयूष ने तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन और प्रवचन किया। संध्याकालीन कार्यक्रम में भी उन्होंने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करने वाले को मोक्ष-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व के अवसर पर दस धर्मों को अपनाकर और उनका पालन करके आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
बारिश के कारण बदला शोभायात्रा का मार्ग
अत्यधिक बारिश को देखते हुए अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा के मार्ग में बदलाव किया गया। शोभायात्रा अपर बाजार जैन मंदिर से कार्ट सराय रोड, हरमू रोड, रातू रोड और वासुपूज्य जिनालय होते हुए किशोरी सिंह यादव चौक, मेकी रोड और गांधी चौक से वापस जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा से पहले श्रीजी को रथ में विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमती विद्या देवी, नितेश कुमार और विकास पाटनी परिवार को मिला। रथ के सारथी और खजांची बनने का सौभाग्य श्री टिकमचंद, संजय, सुरेंद्र और हनी छाबड़ा परिवार को मिला।

भजनों और जयकारों से गूंजा नगर
शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भजनों के साथ प्रभु की आराधना की। नृत्य के माध्यम से भी प्रभुवर की आरती की गई। शोभायात्रा का शुभारंभ झारखंड सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने श्रीजी की आरती कर किया। महामंत्र नवकार के साथ भजनों का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान मेरे चंदा प्रभु भगवान, चंद्र प्रभु की सुंदर मूरत, पंखिड़ा तू उड़ के जाना और सारे नगर में एक ही नाम जैसे भजनों के साथ श्रीजी के जयकारे लगाए गए। रास्ते में जगह-जगह श्रीजी की आरती उतारी गई। उदित सेठी, हेमंत सेठी, आकाश सेठी, विशाल चूड़ीवाल, आशीष जैन और प्रतीक रारा ने भजनों की प्रस्तुति दी।
16 लोगों ने किया निर्जला व्रत
कल यानी 26 सितंबर को दसलक्षण व्रतधारियों का पारणा और सम्मान किया जाएगा। आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में इस वर्ष 16 लोगों ने निर्जला व्रत किया है। इन व्रतधारियों में 11 महिलाएं और पांच युवक शामिल हैं। पारणा के बाद 26 सितंबर को व्रतधारियों का सम्मान किया जाएगा। शोभायात्रा में अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल, मंत्री जीतेन्द्र छाबड़ा, कोषाध्यक्ष प्रमोद झांझरी, सहमंत्री मनोज काला, कैलाश बड़जात्या, पदम गोधा, नरेंद्र पाण्ड्या, पूरणमल सेठी, पदम छाबड़ा, संजय छाबड़ा और धर्मेंद्र छाबड़ा सहित पूरा समाज शामिल हुआ। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।




