रांची : नगर के प्रसिद्ध दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्रीतिरुपति बालाजी), राणी सती मंदिर लेन, रातू रोड में शुक्रवार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का पर्व विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अनंत रूपी भगवान विष्णु श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर की विशेष पूजा-अर्चना और वंदना की गई।
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भगवान का हुआ महाभिषेक
अनंत चतुर्दशी की प्रातः बेला में भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के विश्वरूप दर्शन, सुप्रभातम् और दिक्बन्धन क्रिया सहित नित्याराधनम् संपन्न हुआ। इसके बाद दूध, दधि, शहद, गंगाजल और डाभयुक्त जल से भगवान का महाभिषेक किया गया। हरिद्राघोल का लेपन करने के बाद सहस्त्रधारा से महाभिषेक हुआ। इसके बाद भगवान के सभी विग्रहों को सुवासित चंदन से चर्चित कर कुंभधारा, चक्रधारा और शंखधारा से बार-बार अभिषेक किया गया।
श्रीदेवी, भूदेवी, नीलादेवी और पद्मावती के चतुर्विध तेज से सेवित भगवान श्रीमन्नारायण का सुगंधित तेल और इत्र से मार्जन किया गया। इसके बाद धूप और दीप से आराधना कर भगवान को वस्त्राभूषणों से अलंकृत किया गया। भगवान को आजानुलंबिनी वनमाला, किरिट माला और गंड मालाओं से श्रृंगारित किया गया। इसके बाद महाआरती हुई और पोंगल, खीर, फल एवं मेवे का बाल भोग लगाया गया।
अनंत रूप में हुई पूजा-अर्चना
इसके बाद भगवान श्रीनिवास के अनंत रूप की पूजा की गई। धर्मात्मा कौंडिन्य द्वारा संपन्न किए गए उत्तम अनंत व्रत की परंपरा के अनुसार गंध, दीपक, धूप, कुंकुम, चंदन, तुलसीदल और पुष्प आदि से विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। मंदिर की ओर से बताया गया कि अनंत व्रत धर्म के अनुष्ठान को संपन्न करने से प्राणी समस्त पातकों से मुक्त होता है और परमोत्तम गति प्राप्त करता है। पूजन के बाद भगवान की विभिन्न स्तोत्रों से स्तुति की गई।
यजमान और अर्चकों ने निभाई सहभागिता
महाभिषेक के यजमान रांची निवासी श्री शशांक धरनीधरका और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सौम्या धरनीधरका रहीं। दिनभर के अनुष्ठान को अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य और श्री नारायण दास जी ने विधिवत संपन्न कराया। कार्यक्रम में राम अवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नारसरिया, राजेश सुल्तानिया, रंजन सिंह, ओमप्रकाश गरोदिया सहित अन्य लोगों की सहभागिता रही।




