उत्तर प्रदेश: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यात्रियों से भरी एक डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में 9 यात्रियों की झुलसने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव कार्य चलाते हुए घायलों को तुरंत नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बस एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रही थी तभी अचानक वाहन से धुंआ निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। स्लीपर बस होने के कारण कई यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों और गश्ती दल ने राहत कार्य शुरू किया और खिड़कियों के शीशे तोड़कर कुछ यात्रियों को बाहर निकाला।
कैलाश अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत पास के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ यात्रियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आग के कारणों की जांच शुरू
आग किस वजह से लगी, इसका सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि हादसा शॉर्ट सर्किट या बस में किसी यांत्रिक खराबी के कारण हुआ हो सकता है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटना की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बस के एसी में स्पार्क/ब्लास्ट होने के कारण बस के इंजन लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगकर तेजी से फैल गई. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है. फिलहाल पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित कर दिया है और जली हुई बस को हटाने का काम जारी है. मृतकों की पहचान और घायलों की जानकारी जुटाई जा रही है. इस घटना के संबंध में सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत करते हुए चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है. अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है:



