नई दिल्ली : चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच भाजपा ने चुनाव आयोग का बचाव किया है। यह विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। इनमें चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज होने की बात कही गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता डेटा से जुड़े IT सिस्टम के केंद्रीकरण समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाए थे। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
Read More : BHIM ऐप पर AI सहायक ‘MyUPI’ शुरू, मिलेंगी कई सुविधाएं
संबित पात्रा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अगर देश में चुनाव कराने वाले तीनों चुनाव आयुक्त आपस में बातचीत नहीं करते, विचारों का आदान-प्रदान नहीं करते और केवल एक-दूसरे से सहमत होते रहते हैं, तो विपक्ष इसे तानाशाही कहता। उन्होंने कहा कि विचारों का आदान-प्रदान लोकतंत्र की निशानी है। पात्रा के मुताबिक, SIR को लेकर चुनाव आयोग में फैसला सभी की सहमति से हुआ था।
भाजपा ने विपक्ष पर लगाया संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष की ओर से सुबह से चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जब लगा कि वह चुनाव नहीं जीत सकती तो उसने संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश शुरू कर दी। पात्रा ने कहा कि वह चुनाव आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने नहीं आए हैं, बल्कि आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट लेकर आए हैं।
SIR पर चुनाव आयोग की स्थिति क्या है?
पात्रा ने कहा कि SIR को लेकर चुनाव आयोग में एक राय थी और फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। दूसरी ओर, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर दर्ज औपचारिक आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने नए मतदाताओं के लिए Form 6 में किए गए बदलाव और मतदाता सूची के IT सिस्टम तक पहुंच के केंद्रीकरण को लेकर भी सवाल उठाए थे।
वोट कटने के मुद्दे पर भी बोले संबित पात्रा
संबित पात्रा ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल की 20 विधानसभा सीटों का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां सबसे ज्यादा वोट कटे, उनमें 13 सीटों पर ममता बनर्जी की पार्टी ने जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की। यह आंकड़ा पात्रा ने अपने राजनीतिक तर्क के समर्थन में पेश किया। चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से दावे और आपत्तियां सामने आती रही हैं।




