पर्युषण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म, मुनि नियोग सागर ने दिया संदेश

रांची : जैन धर्म के पर्वराज पर्युषण के तहत दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म मनाया गया। इस अवसर पर रांची स्थित दोनों जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तम

पर्युषण पर्व
रांची में दशलक्षण महापर्व का चौथा दिन

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रांची : जैन धर्म के पर्वराज पर्युषण के तहत दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म मनाया गया। इस अवसर पर रांची स्थित दोनों जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तम शौच का अर्थ पवित्रता, स्वच्छता और निर्मलता बताया गया। इस अवसर पर कहा गया कि यह केवल शरीर की स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि विचारों, भावनाओं और जीवनशैली की पवित्रता से भी जुड़ा है।

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लोभ छोड़कर संतोष अपनाने का संदेश

मुनि श्री 108 नियोग सागर जी महाराज ने उत्तम शौच धर्म को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज का मानव भौतिक संसाधन जुटाने की दौड़ में लगा है और इच्छाओं का कोई अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन में वास्तविक सुख और शांति के लिए लोभ को छोड़कर संतोष धारण करना जरूरी है। जो व्यक्ति न्यायपूर्वक अर्जित धन में संतुष्ट रहता है और पर-द्रव्य की चाह नहीं रखता, वह आत्मा को पावन बना सकता है। मुनि श्री ने कहा कि जिस तरह समुद्र अनेक नदियों के मिलने के बाद भी तृप्त नहीं होता, उसी तरह इंसान दुनिया की पूरी दौलत हासिल करने के बाद भी सुखी और संतुष्ट नहीं होता। मनुष्य अपने भीतर से लोभ कषाय को दूर कर ले तो संतोष के धन से सुख प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज तनाव, भ्रम और भटकाव के बीच उत्तम शौच धर्म आत्मनियंत्रण, संतोष और स्पष्ट सोच के जरिए संतुलित एवं सार्थक जीवन की दिशा दिखाता है।

जैन महिला जागृति ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

संध्या शास्त्र सभा के बाद जैन महिला जागृति की ओर से ‘आपकी अदालत’ के माध्यम से समाज के ज्वलंत मुद्दों को सामने रखा गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। अपर बाजार जैन मंदिर के बड़े हॉल में सामूहिक पूजन के बाद शास्त्र वाचन और मंडल पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

दोनों जैन मंदिरों में हुई शांतिधारा

अपर बाजार जैन मंदिर में संजय कुमार, अजय कुमार, अरविन्द कुमार, रोहित कुमार बाकलीवाल परिवार और राजेश कुमार, कौशल कुमार, श्रेयांश कुमार बड़जात्या परिवार ने शांतिधारा की। वासुपूज्य जिनालय में नन्दलाल, सुधीर कुमार, संदीप कुमार छाबड़ा परिवार और मूलचन्द, प्रेरक कुमार सोगानी परिवार ने शांतिधारा की। सामूहिक पूजन के दौरान विनोद जी और स्नेहलता जी झाँझरी परिवार, राजेन्द्र कुमार, रजत कुमार, अनीता जी, ऐश्वर्या जी बाकलीवाल परिवार, रजनी देवी, रितेश जी, रियांश जी, हितार्थ जी लुहाड़िया तथा शिखरचन्द, राजीव कुमार, प्रिंस कुमार और रुचिका जी गँगवाल परिवार ने भी शांतिधारा की। कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।

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