रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने 2020 की बलात्कार पीड़िता को 50 हजार रुपये का अंतरिम मुआवजा दिलाया है। इसके साथ ही पीड़िता की बेटी का नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, ओरमांझी में नामांकन कराया गया है। यह कार्रवाई 19 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार की गई। यह पहल झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश तथा झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, डालसा रांची अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई।
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पीड़िता को मिला 50 हजार का अंतरिम मुआवजा
डालसा के अनुसार, वर्ष 2020 में पीड़िता अपनी बेटी के साथ घर में अकेली रहती थी। बलात्कार की घटना के बाद उसे मानसिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डालसा सचिव राकेश रौशन ने पीएलवी स्नेहलता दुबे को पीड़िता की बेटी के आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निर्देश मिलने के बाद पीएलवी ने पीड़िता और उसकी बेटी से संपर्क किया। उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ विधिक सेवाओं की जानकारी भी दी गई। पीड़िता को अंतरिम मुआवजे के रूप में 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। वहीं, उसकी बेटी का नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, ओरमांझी में नामांकन कराया गया।
जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता
डालसा, रांची ने कहा कि भविष्य में भी जरूरत के अनुसार पीड़िता और उसके परिवार को सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर डालसा सचिव राकेश रौशन ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार जरूरतमंद, असहाय और वंचित लोगों तक विधिक सहायता और आवश्यक सहयोग पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि झालसा के मार्गदर्शन में समाज के कमजोर वर्गों को न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए डालसा लगातार प्रयास कर रहा है।
15100 पर मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता
डालसा सचिव ने आम लोगों से अपील की कि निःशुल्क विधिक सहायता या अन्य जरूरी सहयोग की आवश्यकता होने पर नालसा के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची या अपने क्षेत्र में कार्यरत पारा-लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) से संपर्क करें।









