नई दिल्ली : भारत ने बुधवार को पाकिस्तान उच्चायोग के ‘चार्ज डी अफेयर्स’ (चार्ज डी’अफेयर्स) को तलब कर अरब सागर में हुई एक घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राजनयिक को बुलाकर उनकी नौसेना की गैर-पेशेवर और असुरक्षित हरकतों पर तुरंत लगाम लगाने की कड़ी चेतावनी दी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह घटना 15 सितंबर 2026 की शाम की है, जब उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत के पास पाकिस्तान का एक नौसैनिक जहाज बेहद तेज गति से आया। पाकिस्तानी जहाज ने खतरनाक और गैर-पेशेवर तरीके से गतिविधियां शुरू कर दीं, जिसके कारण दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
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1991 के द्विपक्षीय समझौते का सीधा उल्लंघन
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई यह घटना 1991 के द्विपक्षीय सैन्य समझौते का सीधा उल्लंघन है। अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही को लेकर हुए समझौते के ‘अनुच्छेद 10’ का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तानी नौसेना ने यह जोखिम भरा कदम उठाया।
The Chargé d’Affaires of the High Commission for Pakistan in New Delhi was summoned to the Ministry of External Affairs today, and a strong protest was lodged with him over the unacceptable and unprofessional conduct of Pakistani naval units at sea that led to a collision with a… pic.twitter.com/z10Kim5svg
— ANI (@ANI) September 16, 2026
इस्लामाबाद में भी दर्ज कराया जाएगा कड़ा विरोध
भारत सरकार ने पाकिस्तानी राजनयिक को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने उच्च अधिकारियों तक यह संदेश पहुंचाएं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरती जाए। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय ‘चार्ज डी अफेयर्स’ को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।



