जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला, धनबाद MP-MLA कोर्ट ने दी राहत

धनबाद : विधायक जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर धनबाद की स्पेशल MP-MLA अदालत ने सोमवार को अपना अहम फैसला सुना दिया है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर करते हुए राहत दी है। इससे पहले गुरुवार को मामले की सुनवाई के

जयराम महतो
MLA जयराम महतो (फाइल फोटो)

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धनबाद : विधायक जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर धनबाद की स्पेशल MP-MLA अदालत ने सोमवार को अपना अहम फैसला सुना दिया है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर करते हुए राहत दी है। इससे पहले गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत के निर्देशानुसार केस डायरी प्रस्तुत की थी। जयराम महतो, अन्य आरोपियों और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला 14 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

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पूर्व की सुनवाई में अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब की थी और जयराम महतो की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। MP-MLA कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत में वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने गिरफ्तारी से संरक्षण की गुहार लगाई थी, जिसका अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र नाथ राय ने कड़ा विरोध किया था।

बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

यह पूरा मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान के आधार पर बरवाअड्डा थाने में विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद जयराम महतो और अन्य आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे बाद में सुनवाई के लिए MP-MLA विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।

थाना प्रभारी से विवाद का ऑडियो भी हुआ था वायरल

मामले की पृष्ठभूमि में बरवाअड्डा थाना प्रभारी और विधायक के बीच बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस ऑडियो को लेकर जयराम महतो ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि थाना प्रभारी से उनकी 11 मिनट तक बातचीत हुई थी, लेकिन सिर्फ 2 मिनट का ही ऑडियो जारी किया गया। थाना प्रभारी की शिकायत के अलावा, एक पंचायत मुखिया के बेटे की शिकायत पर भी विधायक और अन्य के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई थी।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने स्थगित किया था आंदोलन

इस घटनाक्रम को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी कड़ा रुख अपनाया था और 8 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि, इसी दौरान झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। राज्य में उपजे शोक के माहौल के कारण झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया था।

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