रांची में साइबर ठगी का नया तरीका, फर्जी बैंक ऐप से 4.90 लाख उड़ाए

रांची : राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और हाईटेक तरीका अपनाया है। जालसाजों ने बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के नाम और लोगो वाले फर्जी ऐप का इस्तेमाल कर 70 वर्षीय एक बुजुर्ग को अपने झांसे में लिया और उनके बैंक

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सांकेतिक फोटो

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रांची : राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और हाईटेक तरीका अपनाया है। जालसाजों ने बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के नाम और लोगो वाले फर्जी ऐप का इस्तेमाल कर 70 वर्षीय एक बुजुर्ग को अपने झांसे में लिया और उनके बैंक खाते से करीब 4.90 लाख रुपये उड़ा लिए। इस संबंध में पीड़ित कवल किशोर प्रसाद की शिकायत पर रांची साइबर क्राइम थाने में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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फेसबुक पर आया फर्जी ऐप का नोटिफिकेशन

रातू रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा के खाताधारक कवल किशोर प्रसाद ने बताया कि 3 सितंबर को उनके मोबाइल पर बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित एक फर्जी ऐप का नोटिफिकेशन आया। नोटिफिकेशन में बैंक का आधिकारिक लोगो लगा होने के कारण उन्हें लगा कि यह बैंक का वास्तविक संदेश है। जैसे ही उन्होंने दिए गए विकल्प पर क्लिक किया, उन्हें नाम और अन्य विवरण भरने के निर्देश दिए गए। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उन्हें फोन और वीडियो कॉल किया। खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर आरोपियों ने प्रक्रिया पूरी करने के बहाने पीड़ित को बातों में उलझाया और बैंकिंग जानकारियां तथा मोबाइल पर आए ओटीपी/संदेश हासिल कर 4,90,000 रुपये निकाल लिए।

1930 पर दर्ज कराई शिकायत, बैंक खाता कराया होल्ड

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पहुंचकर अपना खाता होल्ड कराया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। अनुसंधान की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर आकाश कुमार सिंह को सौंपी गई है।

छह आरोपी नामजद, अलग-अलग खातों में भेजी गई रकम

पुलिस ने दर्ज एफआईआर में छह लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें धन संगी, लालून हलवा, एमडी सदाम, सचिन कुमार वर्मा, सुशील कुमार रोहित और रोंकांतेज्जा शहाई के नाम शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम सचिन कुमार वर्मा, सुशील कुमार रोहित और रोहिकांत के नाम से जुड़े ईपीएफओ खातों, तेजा शभत के बैंक खाते तथा अमेजन पे (Amazon Pay) के माध्यम से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस अब इन खातों के विवरण के आधार पर पूरे साइबर नेटवर्क का सुराग तलाशने में जुटी है।

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