रांची : राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में ‘राधा स्वामी संगठन’ की आड़ में विभिन्न आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता डॉ. संतोष कुमार के बयान पर पुलिस ने संगठन के 12 पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया है कि गिरिडीह समेत झारखंड के कई अन्य जिलों में भी इस संगठन के खिलाफ पहले से जालसाजी के मामले दर्ज हैं।
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बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद के वीडियो दिखाकर जीता विश्वास
शिकायतकर्ता के अनुसार, हटिया स्थित संगठन के प्रदेश कार्यालय से लोगों को वाहन, आवास, कन्यादान, करोड़पति, एफएमसीजी और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लालच देकर भारी-भरकम रकम जमा कराई जाती थी। वाहन ईएमआई योजना के तहत गाड़ी खरीदने पर 40 से 90 प्रतिशत तक ईएमआई छूट का दावा किया जाता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की मौजूदगी वाले वीडियो दिखाते थे, जिससे लोग यह मान लेते थे कि संगठन से बड़े लोग जुड़े हैं और उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। इसके अलावा आरएसएबीएन (RSABN) निधि लिमिटेड की पासबुक दिखाकर योजनाओं को कानूनी रूप से वैध बताया जाता था।
ऑफिस में ताला लगाकर भागे जालसाज
लाभार्थियों ने नकद और ऑनलाइन माध्यमों से ‘आरएसओजी फूड कॉस्मेटिक प्राइवेट लिमिटेड’ के बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए। जब पीड़ितों की गाड़ियों की ईएमआई आनी बंद हुई और उन्होंने पदाधिकारियों से संपर्क किया, तो केंद्र व राज्य सरकारों से फंड मिलने का झूठा आश्वासन दिया गया। कुछ ही हफ्तों में आरोपी प्रदेश कार्यालय बंद कर फरार हो गए। पीड़ितों द्वारा पैसे वापस मांगने पर उनके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
12 पदाधिकारियों पर बीएनएस की संगीन धाराओं में केस दर्ज
दर्ज एफआईआर में बिनू साहू, शकुंतला कुमारी, दीपक कुमार शर्मा, दीपक शर्मा, रश्मि कुमारी, अरुण कुमार प्रजापति, मुकेश सिन्हा, अनीषा सिन्हा, जूली सिन्हा, सतीश कुमार शर्मा, काजल श्रीवास्तव और गौरव श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। ये सभी संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी और सीईओ जैसे उच्च पदों पर तैनात थे। जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), 316(5), 351(2), 352, 61(2) और 111(4) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच का जिम्मा सब-इंस्पेक्टर अशोक प्रसाद को सौंपा गया है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, एफआईआर में दर्ज साक्ष्यों और अन्य जिलों में दर्ज मामलों के कनेक्शन खंगाल रही है।





