PM मोदी ने BRICS में रखा 10 बड़े वैश्विक सुधारों का प्रस्ताव

नई दिल्ली : 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए PM मोदी ने वैश्विक शासन में बुनियादी बदलाव लाने के लिए 10 बड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने दुनिया के मौजूदा ढांचे को ‘विशेषाधिकारों का पिरामिड’ करार देते हुए इसे ‘साझेदारी के मंच’ में

PM मोदी
ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते PM मोदी।

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नई दिल्ली : 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए PM मोदी ने वैश्विक शासन में बुनियादी बदलाव लाने के लिए 10 बड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने दुनिया के मौजूदा ढांचे को ‘विशेषाधिकारों का पिरामिड’ करार देते हुए इसे ‘साझेदारी के मंच’ में बदलने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि अगले शिखर सम्मेलन तक ‘ब्रिक्स सुधार रोडमैप’ तैयार किया जाना चाहिए, जो प्रतिनिधित्व (Representation), जवाबदेही (Responsiveness) और नियम बनाने (Rule-Making) के 3R सिद्धांतों पर आधारित हो।

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यूएनएससी सुधार और ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व

PM मोदी ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों को अब और टाला नहीं जा सकता। इसे निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट परिणामों से जोड़ना होगा। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में मतदान की शक्ति, नेतृत्व और नीतिगत प्राथमिकताओं को मौजूदा आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा, “आज ग्लोबल साउथ संकटों का सामना करने में सबसे आगे है, लेकिन फैसले लेने में सबसे पीछे। हमें ग्लोबल साउथ के देशों को ‘नियम मानने वाले’ से ‘नियम बनाने वाले’ के रूप में स्थापित करना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस, बायोटेक्नोलॉजी और साइबरस्पेस जैसे उभरते क्षेत्रों के नियम तय करने में सबकी समान भागीदारी होनी चाहिए।”

नाविकों के लिए आपातकालीन सहायता नेटवर्क का प्रस्ताव

समुद्री व्यापार में लगे नाविकों के हितों की रक्षा करते हुए पीएम मोदी ने ‘नाविकों के लिए आपातकालीन सहायता नेटवर्क’ (Emergency Assistance Network for Seafarers) बनाने का सुझाव दिया। इस नेटवर्क के जरिए संबंधित देशों के नौसैनिक अधिकारियों और कूटनीतिक मिशनों के बीच समन्वय स्थापित होगा, जिससे संकट के समय त्वरित अलर्ट, मेडिकल सहायता और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिल सकेगी।

BRICS@20: ट्रोइका व्यवस्था और निरंतरता का आह्वान

संगठन की 20वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि BRICS परिपक्वता के दौर में पहुंच चुका है। यह किसी का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने के लिए बना है। उन्होंने संस्थागत कामकाज में निरंतरता बनाए रखने के लिए ‘ट्रोइका’ (Troika) व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हर फैसले, समय-सीमा और कार्यान्वयन की स्थिति को दर्ज करने के लिए एक सुरक्षित डिजिटल संग्रह बनाया जाना चाहिए, ताकि अध्यक्षता बदलने के बाद भी निर्णयों पर अमल की गति धीमी न पड़े।

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