नई दिल्ली : देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का औपचारिक आगाज हो गया है। 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की शुरुआत से पहले ही भारत के खाते में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता आई है। रातभर चली मैराथन वार्ताओं के बाद सुबह 4 बजे ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के बीच साझा घोषणापत्र पर पूर्ण सहमति बन गई है।
Major Diplomatic Breakthrough: BRICS Joint Statement to be Issued Today
In a significant diplomatic breakthrough, BRICS countries have reached consensus on a Joint Statement after intensive negotiations that continued until 4 AM.
The negotiations saw differences on several… pic.twitter.com/TDEnEOmO7c
— Press Trust of India (@PTI_News) September 12, 2026
भारत मंडपम में राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत
शनिवार को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सभी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि भारत मंडपम पहुंचने लगे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर सभी वैश्विक नेताओं की अगवानी की। पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तथा ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा समेत अन्य वैश्विक नेताओं का भारत मंडपम में गर्मजोशी से स्वागत किया।
विवादित मुद्दों के बीच भारत की कूटनीतिक जीत
वैश्विक व्यापार तनाव, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी गंभीर संकट के बीच साझा बयान पर सर्वसम्मति बनाना एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती थी। विशेष रूप से ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के अलग-अलग भू-राजनीतिक हितों को देखते हुए मतभेदों को दूर करना बेहद जटिल माना जा रहा था। भारत की ओर से की गई निरंतर बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के चलते सभी सदस्य देश अपने मतभेदों को दरकिनार कर एक संयुक्त बयान पर सहमत होने में सफल रहे। सूत्रों के मुताबिक, यह साझा घोषणापत्र आज शाम 4 बजे जारी किया जा सकता है।
पुतिन, पेजेशकियन और शी जिनपिंग की उपस्थिति
इस दो दिवसीय समिट में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा परिदृश्य के बीच हो रही इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शाम करीब 6 बजे प्रस्तावित द्विपक्षीय मुलाकात को भी बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।






