तकनीक बुद्धिमान हो रही, अब इंसान को भी समझदार होना होगा : प्रमोद अग्रवाल
रांची: एआई और क्लाइमेट चेंज से जुड़ी संभावनाओं और चिंताओं को लेकर रोटरी क्लब रांची के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सेवानिवृत्त आईएएस एवं कोल इंडिया के पूर्व चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल, क्लब के अध्यक्ष ललित त्रिपाठी, सचिव शालिनी सिंघानिया और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि मानव सभ्यता की पूरी यात्रा जिज्ञासा, खोज और बदलाव की कहानी है। आग का आविष्कार हुआ तो इंसान ने अंधेरे पर विजय पाने के साथ कई खतरों से खुद को सुरक्षित किया। वहीं पहिये ने मानव सभ्यता की यात्रा को गति दी। आज एआई भी विकास की उसी यात्रा का नया अध्याय है, जो हमारी सोच, काम और जीवनशैली को तेजी से बदल रहा है। एआई के माध्यम से कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव संभव हैं, लेकिन इसपर अत्यधिक निर्भरता और अनियंत्रित इस्तेमाल से कई तरह की चुनौतियां भी पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आज तकनीक तेजी से बुद्धिमान हो रही है, ऐसे में इंसान को भी समझदार होना ही होगा। एआई के पास अपनी भावनाएं और मानवीय मूल्य नहीं हैं, इसलिए इसके इस्तेमाल में मानवीय विवेक और संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन भी आज मानवता के लिए गंभीर चेतावनी है। हमें ऐसी तकनीक चाहिए, जो विकास को गति देने के साथ प्रकृति की रक्षा भी करे। एआई की असली सफलता तभी है, जब उसका उपयोग मानवता और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए हो।
रोटरी क्लब के अध्यक्ष ललित त्रिपाठी ने कहा कि क्लाइमेट चेंज केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। एआई हमें समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने की ताकत दे सकता है, लेकिन मशीनें अकेले पृथ्वी को नहीं बचा सकतीं। इसके लिए इंसान की सोच और आदतों में बदलाव जरूरी है। हमें विकास की ऐसी परिभाषा गढ़नी होगी, जिसमें सुविधा के साथ प्रकृति की कीमत न चुकानी पड़े।
रमेश धरनिधरका और डॉ आनंद सिन्हा को रोटरी में 40 वर्ष पूरा होने पर सम्मानित किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए रोटरी इमेज चेयरमैन प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि रोटरी परिवार हमेशा ऐसी सामाजिक चिंताओं के प्रति लोगों को जागरूक करता रहा है। हम वास्तविक दुनिया से जितना जुड़े रहेंगे, उतना ही मानवीय बने रहेंगे। तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाने का माध्यम है, लेकिन उसका इस्तेमाल एक सीमा और संतुलन के साथ होना ही बेहतर है।
कार्यक्रम में ये रहे शामिल
अनिल सिंह, जोगेश गंभीर, राजीव मोदी, मनोज तिवारी, रेखा सिंह, राजीव चड्ढा, रविन्द्र सिंह चड्ढा, शाहिद पाल, एनके मखीजा, अजय दीप वाधवा, सुरेश साबु, कांता मोदी, अरविन्द पांडेय, डॉ आनंद कुमार सिन्हा, पवन जायसवाल, डॉ अनिल पांडेय, अजय साबु, प्रियंका त्रिपाठी, डॉ विनय ढांढनिया, राजकुमार अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, सुधीर मिश्रा, हर्मिंदर सिंह, अमित अग्रवाल, प्रकाश सरावगी, डॉ उदीप लाल, गौरव प्रशांत, विनय छापरिया, डॉ अभय कृष्णा सिंह, कुमुद प्रसाद साहु लोकेश साहु, डॉ अनंत कुमार, अर्श जमील उपस्थित थे।





