रांची : रांची के कचहरी परिसर स्थित 13 RIT बिल्डिंग में केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को करम पूजा महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। समिति ने करम पूजा महोत्सव को धूमधाम और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की घोषणा करते हुए आयोजन की तिथियां जारी कीं। समिति के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को भादो एकादशी, शुक्ल पक्ष के दिन उपवास रखा जाएगा और रात 8 बजे से करम पूजा शुरू होगी। इसके बाद 23 सितंबर को भादो द्वितीया के दिन परना और 24 सितंबर को भादो तृतीया के दिन करम डाली का विसर्जन किया जाएगा।
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22 सितंबर से शुरू होगा करम पूजा महोत्सव
केंद्रीय सरना समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 सितंबर को श्रद्धालु उपवास रखेंगे। इसी दिन रात 8 बजे से करम पूजा की शुरुआत होगी। 23 सितंबर को परना मनाया जाएगा, जबकि 24 सितंबर को करम डाली का विसर्जन किया जाएगा। समिति ने पूरे महोत्सव को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्वक आयोजित करने की बात कही है।
सरकार से छह प्रमुख मांगें
करम पूजा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पूजा समितियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय सरना समिति ने सरकार और प्रशासन के सामने छह प्रमुख मांगें रखी हैं। समिति ने प्रत्येक अखाड़े में चना, गुड़, चीनी और अरवा चावल की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा अखाड़ों में मुरम/डस्ट (मिट्टी) गिराने की भी मांग की गई है। समिति के मुताबिक, सभी अखाड़ों में बिजली, पानी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। पूजा के दिन शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू करने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक अखाड़े में ढोल, नगाड़ा और मांदर उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
प्रशासन से मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की अपील
केंद्रीय सरना समिति ने प्रशासन से अपील की है कि करम पूजा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पूजा समितियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। समिति ने सभी अखाड़ों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय सरना समिति के फूलचंद तिर्की, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद से सत्यनारायण लकड़ा, मसना समिति करमटोली से नंदा उरांव, बाना मुंडा, अजय लिंडा, संजय तिर्की, एंजेल लकड़ा, विमल कच्छप, ललित कच्छप, भुवनेश्वर लोहरा, अमर तिर्की, मानसी करमाली, प्रमोद एक्का, सोहन कच्छप और राधा हेंब्रम समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।






