कॉकरोच जनता पार्टी में फूट, 4 महीने बाद ही अलग हुआ नया गुट

नई दिल्ली : राजनीति से दूरी बनाए रखने का दावा करने वाले अभिजीत दीपके के संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) में गठन के महज चार महीने के भीतर ही बड़ी टूट देखने को मिली है। मई 2026 में अस्तित्व में आई यह पार्टी सितंबर आते-आते

कॉकरोच जनता पार्टी

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नई दिल्ली : राजनीति से दूरी बनाए रखने का दावा करने वाले अभिजीत दीपके के संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) में गठन के महज चार महीने के भीतर ही बड़ी टूट देखने को मिली है। मई 2026 में अस्तित्व में आई यह पार्टी सितंबर आते-आते बिखरने की कगार पर पहुंच गई है। पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल मनीष ब्रह्मभट्ट ने अभिजीत दीपके का साथ छोड़ते हुए एक नए गुट ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ (CJP-D) के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

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नीट आंदोलन के बाद हितों के सौदेबाज़ी का आरोप

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मनीष ब्रह्मभट्ट ने खुद को सीजेपी (CJP) से अलग करने की वजह बताई। उन्होंने अभिजीत दीपके पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक आंदोलन की सफलता के बाद जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और छात्रों के हितों का सौदा कर दिया गया। ब्रह्मभट्ट का आरोप है कि संगठन अब एक खास राजनीतिक दल के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन की सफलता के बाद बनाई गई 12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम के चयन में किसी भी जमीनी कार्यकर्ता, छात्र या सोशल मीडिया वॉलंटियर से परामर्श नहीं लिया गया। इस नई टीम के 8 सदस्य एक विशिष्ट राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नेतृत्व ने मेरिट को किनारे रखकर एक खास राजनीतिक विचारधारा को प्राथमिकता दी है।

महिला, सिख और मुस्लिम चेहरों को दरकिनार करने का दावा

मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े युवाओं ने हिस्सा लिया था, लेकिन नई टीम बनाते समय उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इसके अलावा टीम में महिला, सिख और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों को भी जगह नहीं दी गई। उन्होंने वादा किया कि उनका नया संगठन ‘CJP-D’ एक लोकतांत्रिक और राष्ट्रव्यापी ढांचा तैयार करेगा, जिसमें प्रत्येक राज्य के स्थानीय आंदोलनकारियों और वॉलंटियर्स में से 5-5 प्रतिनिधियों को शामिल कर उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

अभिजीत दीपके ने खारिज किए सभी आरोप

दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने मनीष ब्रह्मभट्ट द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। किसी खास राजनीतिक दल से साठगांठ के आरोपों पर सफाई देते हुए दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह स्वतंत्र है और केवल छात्रों की ‘ए-टीम’ के रूप में काम कर रही है। दीपके ने अपने बयान में कहा कि “कुछ लोग हमें एक विशेष दल की बी-टीम बताते हैं, तो कुछ अन्य लोग हमें किसी और दल की बी-टीम कहते हैं। मुझे लगता है कि इन नेताओं को आपस में बैठकर पहले तय कर लेना चाहिए। हमारी तरफ से स्थिति बिल्कुल साफ है, हमारा किसी अन्य दल से कोई संबंध नहीं है।”

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