मेदिनीनगर (पलामू) : झारखंड के पलामू जिले में बीते 36 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। उत्तरी कोयल नदी से आ रहे अत्यधिक जलप्रवाह के कारण सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पलामू जिला प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मेदिनीनगर के कई निचले इलाकों और हुसैनाबाद क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
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सोन नदी में पहुंचा 2 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह के अनुसार, उत्तरी कोयल नदी और आसपास के अन्य जलाशयों से करीब 2 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में प्रवाहित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप सोन नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों में माइकिंग कर लोगों को नदी के करीब न जाने और बीच में बने टीलों से दूर रहने की चेतावनी दे रही हैं।
कई तटीय गांवों में कटाव शुरू, प्रशासन ने की अपील
सोन नदी के विकराल रूप धारण करने से सोनपुरवा, देवरी खुर्द, देवरी कला, बुधुआ, बड़ेपुर और दंगवार जैसे तटवर्ती गांवों में जमीन का कटाव शुरू हो गया है। हालात का जायजा लेते हुए एसडीएम (SDO) समीर अल्फ्रेड मुर्मू और अंचलाधिकारी (CO) पंकज कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जलस्तर बढ़ते ही तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं तथा कटाव प्रभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन के अनुसार स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन नदी किनारे रहने वाली आबादी को पूरी तरह से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है।




