बिश्केक : PM मोदी ने मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उपस्थिति में पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी देश के लिए ‘रणनीतिक संपत्ति’ नहीं हो सकता और इसे अपनी नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने वाले तथा आतंकियों को पनाह व समर्थन देने वाले देशों को कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए।
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आतंकवाद का पूरा नेटवर्क खत्म करना जरूरी
PM मोदी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को केवल आतंकियों तक सीमित न रखकर उसके पूरे तंत्र को समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि आतंकियों की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और उनके सुरक्षित ठिकानों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना बेहद जरूरी है। इस मुद्दे पर सभी देशों को एक आवाज में बात करनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह के दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
भारत की प्राथमिकता: शांति, कनेक्टिविटी और अवसर
पीएम मोदी ने SCO के लिए भारत के दृष्टिकोण के तीन मुख्य आधार—शांति और सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर—का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूरेशिया क्षेत्र में शांति का लक्ष्य अफगानिस्तान की स्थिरता से भी जुड़ा है, जहां भारत लगातार मानवीय सहायता पहुंचा रहा है। पश्चिम एशिया के संकट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी एक क्षेत्र का संघर्ष पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को प्रभावित करता है। भारत का हमेशा से मानना रहा है कि किसी भी तनाव या युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि कूटनीति और बातचीत के जरिए ही निकल सकता है।
ड्रग्स तस्करी पर चेतावनी और जनता से जुड़ाव पर बल
PM मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी को युवाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने मांग की कि सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध और ड्रग्स तस्करी से निपटने वाली SCO की व्यवस्थाओं को केवल बैठकों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक कार्रवाई का माध्यम बनाया जाए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि SCO का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए, जिससे युवाओं को अवसर, उद्यमियों को नए बाजार और किसानों को बेहतर तकनीक मिल सके।
बिश्केक में जुटे विश्व के प्रमुख नेता
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव की अध्यक्षता में आयोजित इस 26वें शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया। इस बार की बैठक ‘SCO Plus’ प्रारूप में आयोजित की गई, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई अन्य भागीदार देशों के नेता भी शामिल हुए।




