रांची : रातू रोड स्थित राणी सती मंदिर लेन के प्रसिद्ध दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्री तिरुपति बालाजी) में शनिवार को 946वें खिचड़ी भंडारे का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। भादो कृष्णपक्ष की पहली तिथि एवं शुभाशुभे त्रिपुष्करयोग के संयोग में आयोजित भंडारे में 1617 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। खिचड़ी भंडारे के यजमान रांची निवासी श्री अजीत और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बबीता कुमारी रहे।
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अशून्य शयन व्रत का हुआ अनुष्ठान
चातुर्मास में अशून्य शयन व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। चंद्रोदय व्यापिनी द्वितीया तिथि के अवसर पर शनिवार को अशून्य शयन व्रत का अनुष्ठान किया गया। मान्यता के अनुसार द्वितीया तिथि में संपन्न होने वाले इस व्रत के पालन से स्त्री को विधवा होने का भय नहीं रहता और पुरुष को पत्नी वियोग नहीं होता। इसी मान्यता के तहत चौमासे के प्रत्येक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को यह व्रत मनाया जाता है।
भगवान श्रीधर लक्ष्मीवेंकटेश्वर की विशेष आराधना
इस अवसर पर भगवान श्रीधर लक्ष्मीवेंकटेश्वर की नित्य आराधना, महाआरती, महाभोग और महास्तुति की गई। इसके बाद पुष्प, धूप, कुंकुम, चंदन, अक्षत और मौसमी फलों से पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मंत्रोच्चारण के साथ जगत्पति भगवान श्रीविष्णु की विशेष आराधना की गई। अंत में सभी धर्मावलंबी भक्तों के गार्हस्थ्य धर्म के निर्विघ्न रहने की प्रार्थना की गई। प्रार्थना में यह भी कामना की गई कि सभी अग्नि, देवताओं, ऋषि-महर्षियों और पितरों के दांपत्य जीवन में किसी प्रकार का विघ्न न आए।




