नई दिल्ली : दिल्ली स्थित लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए भीषण कार विस्फोट के मामले में विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने शनिवार को आरोप पत्र का संज्ञान ले लिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत द्वारा चार्जशीट का संज्ञान लेना इस हाई-प्रोफाइल मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका अर्थ है कि कोर्ट ने आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया है।
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NIA की जांच और चार्जशीट का ब्यौरा
NIA ने अपनी विस्तृत जांच के बाद सबसे पहले 12 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दायर किया था। इसके बाद, जांच के दौरान मिले नए सबूतों और अन्य लोगों की संलिप्तता के आधार पर दो अतिरिक्त आरोपियों को नामजद करते हुए एक पूरक (सप्लीमेंट्री) आरोप पत्र भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जांच एजेंसी की इस विस्तृत पड़ताल के बाद अब आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मृतक और फरार समेत 14 आरोपी नामजद
मामले में शामिल कुल 14 आरोपियों में से एक आरोपी, उमर उन नबी, विस्फोट के दौरान ही घटना स्थल पर मारा गया था। वहीं, एक अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी जारी है। शेष अन्य आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेष NIA अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को निर्धारित की है। यह सुनवाई मामले की प्रगति और आगामी अदालती कार्रवाई की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगी।




