रांची : झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल शुरू की। राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों को डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में रांची के नेपाल हाउस में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मौजूदगी में रॉडिक कंपनी के साथ एमओयू किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।
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डिजिटल बोर्ड पर मिलेगी अस्पताल की जानकारी
नई व्यवस्था के तहत सदर अस्पतालों में डिजिटल बोर्ड और ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। मरीजों को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, उपलब्ध दवाओं और अस्पताल में मौजूद अन्य सेवाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को जानकारी के लिए अलग-अलग काउंटरों और विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी मिलने से समय की बचत होगी और अस्पताल आने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का मतलब केवल अस्पताल बनाना और इलाज उपलब्ध कराना नहीं है। मरीज को सही समय पर सही जानकारी और गुणवत्तापूर्ण सेवा देना भी उतना ही जरूरी है।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा। मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं, डॉक्टरों और दवाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग विभागों में जाने की परेशानी कम होगी। डिजिटल व्यवस्था से सदर अस्पतालों की कार्यप्रणाली की निगरानी भी प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी।
ACS अजय कुमार सिंह ने क्या कहा?
अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है। उनके मुताबिक, इससे मरीजों को बेहतर सूचना मिलने के साथ अस्पतालों की सेवाओं और संसाधनों की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी। उन्होंने इसे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और डेटा आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें तकनीक का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचे। डिजिटल हेल्थ सिस्टम के विस्तार से अस्पतालों में सेवाओं की निगरानी, सूचना का त्वरित प्रवाह और मरीजों की सुविधा को मजबूती मिलेगी।
सदर अस्पताल बनेंगे डिजिटल हेल्थ सेंटर
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को तेजी से अपना रहा है। आने वाले समय में डिजिटल माध्यमों का विस्तार करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत एवं जनहितकारी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि झारखंड के सदर अस्पताल केवल इलाज के केंद्र न रहें, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस ऐसे स्वास्थ्य केंद्र बनें, जहां मरीज को इलाज के साथ-साथ हर जरूरी जानकारी भी पारदर्शी और सहज तरीके से उपलब्ध हो।” उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि तकनीक का इस्तेमाल केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सीधा लाभ आम जनता और मरीजों को मिले।
चरणबद्ध तरीके से मजबूत होगी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था
इस पहल के तहत राज्य के सदर अस्पतालों में डिजिटल सूचना प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी तकनीक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के साथ अस्पताल प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह पहल झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है। इससे आने वाले समय में मरीजों को बेहतर सुविधा और अस्पतालों को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। एमओयू कार्यक्रम के अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



