रांची। सावन की अंतिम सोमवारी पर अहले सुबह से ही राजधानी के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर सिहत शहर के अन्य शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह 3.30 बजे सरकारी पूजा-अर्चना के बाद मुख्य मंदिर सहित पहाड़ी मंदिर के सभी मंदिरों के पट्ट कांवरियों और आम भक्ताें के लिए खोले गए। पट्ट खुलते ही पूरा मंदर परिसर हर-हर बम-बम पहाड़ी बाबा के जयकारों के साथ पूरी तरह से पहाड़ी बाबा के भक्ति के रंग में रंग गया था। जहां महिलाओं और पूरूषों को अलग-अलग जलाभिषेक करने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सभी मंदिरों में जल, स्वंम सेवक, पुलिसबल, आरएसएस के स्वंमसेवक, पाहन, सदर अस्पताल की टीम, नगर निगम के सफाई मित्र भक्तों की व्यवस्था में लगे थे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रांची पुलिस ने मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पहाड़ी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1000 अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये श्रद्धालुओं की भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। श्रद्धालुओं को सुगम तरीके से जलार्पण और दर्शन कराने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग कतार की व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने में परेशानी न हो।
अंतिम सोमवारी पर पहाड़ी मंदिर मार्ग पर बढ़े वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस की भी अतिरिक्त तैनाती की गई थी। शनि मंदिर चौक और रातू रोड चौक समेत प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मी तैनात किये गए थे।
एक लाख से ज्यादा भ्क्तों ने किया जलाभिषेक
सावनमास की अंतिम सोमवारी को पहाड़ी मंदर में एक लाख से ज्यादा भक्तों ने पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक किया। शाम सात बजे मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद मंदर के पुजारी संत कबीर दास, पिंटू बाबा ने पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक, पंचामृत स्नान मंत्रोच्चारण के बाद पहाड़ी बाबा का भव्य श्रृंगार फूल-पत्तियों और आभूषणों से कर साज के साथ भव्य आरती, प्रसाद वितरण किया गया। कई भक्तों ने भजन कर बाबा के दरबार में अपनी अर्जी लगाई। इसके अलावा कई अन्य शिवालयों में बाबा भोलेनाथ का अलग-अलग प्ररुप में श्रृंगार कर आरती, प्रसाद वितरण, भजनो का कार्यक्रम किया गया।


