रांची : झारखंड हाई कोर्ट (HC) में सोमवार को जेपीएससी (JPSC) की फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) और असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) भर्ती परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अहम सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने हेमंत सोरेन सरकार को इस मामले में जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि तय की है।
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अदालत ने रोक लगाने से किया इनकार
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट में सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर JPSC की नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द करने के आदेश को चुनौती देने वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि JSSC-CGL, 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) जैसी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में लगाई गई रोक की तर्ज पर FRO और ACF भर्ती रद्द करने के फैसले पर भी स्टे (रोक) लगाया जाए। हालांकि, अदालत ने FRO और ACF की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकारी आदेश पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके कारण इन दोनों परीक्षाओं को रद्द करने का हेमंत सोरेन सरकार का फैसला अभी बरकरार रहेगा।
22 भर्ती परीक्षाएं हुई थीं रद्द
मालूम हो कि पिछले दिनों राज्य में JPSC और JSSC सुधारों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इनमें FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर) और ACF (असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट) की भर्ती परीक्षाएं भी शामिल थीं। इन दोनों ही परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई थी।
24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन (या महाधिवक्ता) ने अपना पक्ष रखा। हाई कोर्ट ने अब राज्य सरकार से पूरा विस्तृत जवाब मांगा है, जिसके बाद ही इस मामले में आगे का रुख स्पष्ट होगा। अदालत अब 24 सितंबर को इस केस की अगली सुनवाई करेगी।




