नई दिल्ली : मोबाइल फोन की स्क्रीन को टूटने और खरोंच से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाला टेम्पर्ड ग्लास अब पहले जैसा नहीं रहेगा। भारत सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी कर ली है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 21 सितंबर के नोटिफिकेशन में स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी बीआईएस (BIS) के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के दायरे में शामिल कर दिया है।
कैसे होगी स्क्रीन गार्ड्स की गुणवत्ता की जांच?
नए नियम के तहत भारत में स्क्रीन गार्ड बनाने या बाहर से मंगाकर बेचने वाली कंपनियों को अपने प्रोडक्ट की जांच कराकर उसे सर्टिफाइड कराना होगा। इसके लिए आईएस (IS) 19348:2025 मानक तय किया गया है। इसमें ग्लास की मजबूती, मोटाई, खरोंच से बचाव, चिपकाने वाले पदार्थ और अलग-अलग तरह की कोटिंग जैसी चीजों की जांच की जाएगी। इसके अलावा, ग्लास गिरने या चोट लगने पर कितना असर सह सकता है, इसकी भी जांच होगी। ग्लास टूटने पर उसके छोटे-छोटे टुकड़े अलग होकर चोट का कारण न बनें, इसे लेकर एंटी-शटर लेयर (Anti-Shatter Layer) के भी नियम होंगे। इसके साथ ही ओलेफोबिक कोटिंग (Oleophobic Coating), एंटी-ग्लेयर फिनिश और ब्लू-लाइट फिल्टर जैसी सुविधाओं की गुणवत्ता भी तय मानकों के अनुसार परखी जाएगी।
𝐆𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐧𝐨𝐭𝐢𝐟𝐢𝐞𝐬 𝐒𝐦𝐚𝐫𝐭𝐩𝐡𝐨𝐧𝐞 𝐒𝐜𝐫𝐞𝐞𝐧 𝐏𝐫𝐨𝐭𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫𝐬 𝐮𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐂𝐑𝐎
We welcome the Government’s notification bringing screen protectors for smartphones under the CRO, effective 1 April 2027. From that date, every screen protector sold… pic.twitter.com/BwOgKemIwJ
— Pankaj Mohindroo (@PankajMohindroo) September 22, 2026
कब से लागू होंगे नए नियम और क्या बढ़ेगी कीमत?
इन नियमों का असर तुरंत देखने को नहीं मिलेगा। सरकार ने इसके लिए अप्रैल 2027 तक की समय-सीमा तय की है। तब तक लोग सामान्य तरीके से स्क्रीन गार्ड खरीद सकेंगे। नियम लागू होने के बाद ग्राहक बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क और आईएस 19348 की जानकारी देखकर प्रोडक्ट की क्वालिटी का बेहतर अंदाजा लगा सकेंगे। पैकेट पर कंपनी का नाम, बैच नंबर, बनाने की तारीख, ग्लास की सही मोटाई और बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क जैसी जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। क्या सरकार के इन नए नियमों के लागू होने के बाद टेम्पर्ड ग्लास की कीमत बढ़ जाएगी? टेम्पर्ड ग्लास की कीमत में तुरंत बढ़ोतरी तो नहीं होगी, लेकिन अप्रैल 2027 से नए नियमों के तहत बनकर आने वाले स्क्रीन गार्ड्स की कीमतें बढ़ सकती हैं। कंपनियों को टेस्टिंग, लेबोरेटरी और सर्टिफिकेशन पर अतिरिक्त पैसे खर्च करने होंगे, जिसका असर प्रोडक्ट की कीमत पर पड़ सकता है।
भारत में कितना बड़ा है टेम्पर्ड ग्लास का मार्केट?
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्क्रीन प्रोटेक्टर भारत सरकार की इस अनिवार्य लिस्ट में शामिल होने वाली 66वीं वस्तु बन गया है। इस लिस्ट में पहले से ही स्मार्टफोन, लैपटॉप, चार्जर, एलईडी टीवी, माइक्रोवेव, प्रिंटर और सेट-टॉप बॉक्स जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। भारत में टेम्पर्ड ग्लास का मार्केट 2025 में करीब 40 करोड़ पीस और 20,000 करोड़ रुपये की रिटेल वैल्यू का अनुमानित था।




