कोजागरा पूर्णिमा 2026 कब मनाई जाएगी? जानें चंद्रोदय और पूजा का समय

नई दिल्ली : कोजागरा पूजा को कोजागरी पूजा, कोजागरा पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा और अश्विन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व अश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस

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नई दिल्ली : कोजागरा पूजा को कोजागरी पूजा, कोजागरा पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा और अश्विन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व अश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। मान्यता है कि कोजागरा पूजा पर विधि-विधान से माता लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव आता है। दिवाली से पहले पड़ने वाले इस पर्व पर श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं कि साल 2026 में कोजागरा पूजा कब है और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

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कोजागरा पूजा 2026 की तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अश्विन पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी। पूर्णिमा तिथि का समापन 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर पूर्णिमा 26 अक्टूबर को पड़ रही है, लेकिन पूर्णिमा तिथि सुबह ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में दी गई पंचांग गणना के अनुसार, कोजागरा पूजा 25 अक्टूबर (रविवार) को मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त

कोजागरा पूजा में निशिता मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष 25 अक्टूबर की रात पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार है।

  • निशिता मुहूर्त: रात 11:40 बजे से 12:31 बजे तक

  • अवधि: 51 मिनट

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:46 बजे से 5:37 बजे तक

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक

  • चंद्रोदय: शाम 5 बजे

  • चंद्रास्त: 26 अक्टूबर को सुबह 6:23 बजे

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निशिता मुहूर्त में माता लक्ष्मी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु इस दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

पूजा पर बनेंगे दो शुभ योग

इस वर्ष कोजागरा पूजा के दिन रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बताया गया है। पंचांग के अनुसार, रवि योग सुबह 6 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। रवि योग समाप्त होने के साथ ही शाम 7 बजकर 22 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा। यह योग अगले दिन 26 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में इन दोनों योगों को शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कोजागरा पूजा पर श्रद्धालु शुभ समय में माता लक्ष्मी की आराधना कर सकते हैं।

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