रांची : बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सुरक्षित बचपन देने के उद्देश्य से सोमवार को रांची में सुरक्षित बचपन अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को कानून, सुरक्षा और मुफ्त कानूनी सहायता से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं। यह कार्यक्रम झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश और सदस्य सचिव रंजना अस्थाना तथा रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम डालसा सचिव राकेश रौशन के आदेशानुसार हुआ।
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बच्चों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) राजेश कुमार सिन्हा ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर चर्चा करते हुए बताया कि ऐसी परिस्थितियों में कानून किस तरह उनकी सुरक्षा करता है। बच्चों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, बाल मजदूरी, बाल विवाह, भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ बने नियमों के बारे में बताया गया। इसके अलावा डायन प्रथा, नशामुक्ति और मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी भी दी गई।
डालसा और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर की दी जानकारी
राजेश कुमार सिन्हा ने स्कूली बच्चों को डालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर इन नंबरों के जरिए सहायता ली जा सकती है। कार्यक्रम में बच्चों को मुफ्त कानूनी सहायता की सुविधा के बारे में भी जागरूक किया गया। साथ ही 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गई, ताकि लोग कानूनी सहायता और विवादों के समाधान से जुड़ी सुविधाओं को समझ सकें।
डालसा के कई सदस्य रहे मौजूद
सुरक्षित बचपन अभियान कार्यक्रम में पीएलवी राजेंद्र महतो, बेबी सिन्हा, मीना श्रीवास्तव, प्रीति कुमारी, मालती कुमारी, लता कुमारी, सुनीता कुमारी, शीला देवी, अघनु बेदिया और युधिष्ठिर महतो मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें किसी भी तरह के शोषण या अपराध की स्थिति में मदद लेने के लिए सही जानकारी उपलब्ध कराना था।




