अयोध्या में दीपोत्सव की धूम है। इस अवसर पर रामनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ा है। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें रामायण आधारित झांकियों, लोकनृत्यों और जय श्रीराम के जयघोष ने रामनगरी को भक्तिमय बना दिया। इसमें प्राचीन संस्कृति के साथ आधुनिक अयोध्या के विकास की झलक भी देखने को मिली।
अयोध्या अब कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी
सीएम ने कहा कि अब अयोध्या कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी। यहां कोई दंगा-फसाद करने का साहस नहीं कर पाएगा। अयोध्या को अब कोई उपेक्षित नहीं कर सकेगा और न ही यहां के संतों को अपमानित करने या रामभक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस कर पाएगा। उन्होंने कहा कि इसी संदेश को देने के लिए वह दीपोत्सव के मंच से उपस्थित हुए हैं।
सीएम योगी ने दीपोत्सव की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 हजार दीपों से शुरू हुआ यह आयोजन आज 25 लाख की सीमा पार कर चुका है। राष्ट्रपति के करकमलों से दीप प्रज्वलन के बाद अयोध्या धाम में 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित होकर पूरी दुनिया को राम के प्रकाश से आलोकित करेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अपनी व्यस्तताओं के बावजूद दीपोत्सव-2026 में सहभागिता की है। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति और उनके साथ आए सभी गणमान्य अतिथियों, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, पूज्य संतों और अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
सीएम ने प्रभु श्रीराम की कृपा अयोध्या और पूरे उत्तर प्रदेश पर बनी रहने की कामना करते हुए कहा कि प्रदेशवासी प्रभु के नाम का स्मरण और जप करते हुए रामराज्य की अवधारणा को साकार करने में अपना योगदान दें।
भगवान श्रीराम ने सबको अपनाया, लेकिन कोई मारीच बनेगा तो बाणों से बच नहीं पाएगा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आगे कहा कि रामकथा की मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कथाओं की अपनी मर्यादा और पवित्र परंपरा होती है। लेकिन, कुछ लोग अपनी उच्छृंखल प्रवृत्ति के कारण कथा की पवित्रता को ध्यान में नहीं रखते और उसे मुशायरे के दायरे में ढालकर अपवित्र करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में बड़ा परिवर्तन हुआ है। जिन लोगों ने कभी यज्ञ को बाधित किया था, उस अयोध्या में पहले महज तीन घंटे बिजली मिलती थी। आज वही अयोध्या देश की स्मार्ट सिटी के साथ सोलर सिटी के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या के धर्मपथ, भक्तिपथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ आज दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। आजादी के बाद लंबे समय तक अयोध्या की उपेक्षा हुई। राम के अस्तित्व को नकारने के प्रयास किए गए। न्यायालयों में राम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन आज कम से कम उनके अस्तित्व को स्वीकार किया जा रहा है। यह हमारी वैचारिक विजय है। भगवान श्रीराम ने सबको अपनाया था। लेकिन, कोई मारीच बनकर आएगा तो वह भी राम के बाणों से बच नहीं पाएगा।
जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, अयोध्या आएं लेकिन माफी मांगकर आएं
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने स्वयं अयोध्या के प्रति अपनी विशेष आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा था कि ‘जद्यपि सब बैकुंठ बखाना, वेद पुरान विदित जग जाना। अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोऊ कोऊ।’
इस मौके पर सीएम योगी ने दीपोत्सव के मंच से अयोध्या की भव्यता और त्रेतायुग की स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की अयोध्या उसी त्रेतायुग का स्मरण करा रही है, जब 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम, माता जानकी, अनुज लक्ष्मण और पवनसुत हनुमान के साथ अयोध्या लौटे होंगे।
उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई ‘अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देवन्ह सुमन बृष्टि नभ लाई’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अयोध्या में भी वैसा ही दृश्य दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से रामलला के विराजमान होने के समय आसमान से पुष्पवर्षा का दृश्य भी देखने को मिला था।
सीएम योगी ने रामचरितमानस की चौपाई ‘अवधपुरी प्रभु आवत जानी, भई सकल सोभा के खानी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि तुलसीदास ने त्रेतायुग की अयोध्या का जिस सुंदरता से वर्णन किया था, आज की अयोध्या उसी स्वरूप का स्मरण करा रही है। आज अयोध्यावासी उस दृश्य को जीवंत रूप में देख रहे हैं।
झलकियां
उपराष्ट्रपति ने भगवान सीताराम के स्वरुपों की आरती की
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगवान सीताराम के स्वरुपों की आरती की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
सीएम योगी ने उपराष्ट्रपति का किया सम्मान
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन रामकथा पार्क पहुंच पहुंचने पर उन्होंने संतों का अभिवादन किया। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी पहुंचीं हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति का सम्मान किया है।



