नगर निगम ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, सील करने की चेतावनी, सीएम से हस्तक्षेप की मांग , रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया: मुकेश अग्रवाल
रांची: त्योहारों के सीजन के बीच रांची के अपर बाजार के व्यापारियों को दुकान खाली करने के नोटिस ने चिंता बढ़ा दी है। रांची नगर निगम की बाजार शाखा ने निगम की जमीन और दुकानों पर कारोबार कर रहे व्यापारियों को कथित बकाया किराये के मामले में तीन दिनों के भीतर दुकान खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में निर्धारित अवधि में दुकान खाली नहीं करने पर नियमानुसार दुकान सील करने की चेतावनी दी गई है। नगर निगम की इस कार्रवाई का रांची नगर निगम किरायेदार संघ ने कड़ा विरोध किया है।
किरायेदार संघ ने पेनल्टी को लेकर उठाए सवाल
रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष सह झारखंड चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल ने कहा कि त्योहार के समय वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों को महज तीन दिन में दुकान खाली करने का नोटिस देना उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राशियों को लेकर विवाद है, उनमें मूल किराये के बजाय पेनल्टी की रकम शामिल है और पेनल्टी को किराये के मद में दर्शाकर व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
मुकेश अग्रवाल ने कहा कि पेनल्टी से जुड़ा विवाद पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। इस संबंध में नगर निगम को कई बार पत्र भी दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वैध किराया देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विवादित राशि को लेकर पहले पारदर्शी तरीके से हिसाब-किताब होना चाहिए।
बेदखली की कार्रवाई पर उठाए सवाल
संघ ने पुराने दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई के पीछे किसी बिल्डर से संभावित मिलीभगत की आशंका भी जताई है। मुकेश अग्रवाल ने कहा कि निगम और व्यापारियों के बीच टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए। संघ ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर नगर निगम अधिकारियों और व्यापारियों के बीच वार्ता कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि व्यापारियों की आजीविका और त्योहार के कारोबार को देखते हुए दुकानें खाली कराने की कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।





