नई दिल्ली : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। जम्मू स्थित NIA की विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में हाफिज सईद पर हमले की साजिश रचने, आतंकियों का संचालन करने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है।
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NIA ने हाफिज सईद को व्यक्तिगत तौर पर भी आरोपी बनाया है। एजेंसी के अनुसार वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का प्रमुख है। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। एजेंसी ने बताया कि यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट पहले दाखिल 1,597 पन्नों की चार्जशीट का हिस्सा है। पहली चार्जशीट 15 दिसंबर 2025 को दाखिल की गई थी, जिसमें पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर साजिद जट समेत छह आतंकियों को आरोपी बनाया गया था।
चार्जशीट में हमले को लेकर कई बड़े खुलासे
NIA के अनुसार पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था, जो पाकिस्तान के लाहौर के कसूर में रहता है। एजेंसी का दावा है कि वही आतंकियों का मुख्य हैंडलर था और हमले के दौरान उन्हें रियल टाइम निर्देश दे रहा था। बैसरन घाटी की लोकेशन भी उसी ने आतंकियों को भेजी थी।
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चार्जशीट में कहा गया है कि टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार ने हमले से पहले आतंकियों को बैसरन क्षेत्र में देखा था, लेकिन इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी। दोनों गाइड को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के अनुसार हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकी परवेज की झोपड़ी में खाना खाकर गए थे और अपने साथ रोटी-सब्जी भी ले गए थे। फायरिंग से पहले उन्होंने बैसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे भोजन किया और वारदात के बाद धार्मिक नारे लगाते हुए हर्ष फायरिंग की।
एजेंसी ने चार्जशीट में इसे धर्म के आधार पर किया गया टारगेटेड मर्डर बताया है, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी। 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
पहलगाम हमले के आरोपी आतंकी और बाद की सैन्य कार्रवाई
NIA के मुताबिक पहलगाम हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को 28 जुलाई 2025 को सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव में मार गिराया था। वहीं, भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल लंगड़ा पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। मारे गए आतंकियों के पास से गो-प्रो कैमरा भी बरामद हुआ था।
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पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सरकार के अनुसार इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी मारे गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और चार सहयोगी भी शामिल थे।
इसके बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन केलर, ऑपरेशन महादेव, ऑपरेशन अखल, ऑपरेशन गुड्डर और ऑपरेशन शेरोवाली जैसे कई आतंकवाद विरोधी अभियान चलाकर घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी।




