नेपाल बाढ़ : PM मोदी ने नेपाली पीएम से की बात, हर मदद का दिया भरोसा

नई दिल्ली/काठमांडू : नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही पर भारत के PM मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने नेपाल के PM बालेंद्र शाह से टेलीफोन पर बातचीत की और नेपाल में हुई जान-माल

PM मोदी

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नई दिल्ली/काठमांडू : नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही पर भारत के PM मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने नेपाल के PM बालेंद्र शाह से टेलीफोन पर बातचीत की और नेपाल में हुई जान-माल की भारी क्षति पर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि इस संकट की घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

पीएम ने हर संभव का दिया आश्वासन

PM मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।”

बाढ़ से 7 की मौत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस अचानक आई बाढ़ से अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के कारण अब तक 384 लोग लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। राहत एवं बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आए इस भीषण उफान से नदी किनारे बसी बस्तियों में भारी तबाही हुई है। इस आपदा में कम से कम एक दर्जन (12) हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे बिजली उत्पादन और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

तिब्बत की ओर से अचानक आई बाढ़

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9:00 बजे तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया और सैलाब आ गया। इससे तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई (PTI) से बातचीत में अधिकारियों ने बताया कि रसुवा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश नहीं हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि यह तबाही तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन अथवा ग्लेशियर टूटने के कारण आई है। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारण की जांच अभी जारी है।

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