रांची : झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व धांधली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच कराने, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस लेने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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मुख्य सचिव को सौंपा पत्र
बुधवार को बीजेपी झारखंड प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य के मुख्य सचिव से मुलाकात कर एक औपचारिक मांग पत्र सौंपा। पार्टी ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं :
छात्रों पर दर्ज FIR तत्काल रद्द हो : परीक्षा धांधली के विरोध में एक महीने तक चले आंदोलन के दौरान और उसके बाद विभिन्न थानों में दर्ज किए गए मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों का हवाला देते हुए छात्रों को राहत देने की मांग की।
JPSC-JSSC धांधली की CBI जांच : हाल में आयोजित, रद्द या स्थगित की गई सभी विवादित परीक्षाओं की सीबीआई से व्यापक और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि पूरी गड़बड़ी का सच सामने आ सके।
जिम्मेदार अधिकारियों पर भी तय हो जवाबदेही : पार्टी ने मांग की कि कार्रवाई केवल आयोग के अध्यक्ष तक सीमित न रहे। आयोग के अन्य सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों और उन उच्च अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए, जिनके अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों की गिरफ्तारियां हुई हैं।
आगे बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
JPSC और JSSC परीक्षा विवाद पिछले काफी समय से युवाओं और राजनीतिक दलों के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। मुख्य सचिव के समक्ष बीजेपी द्वारा उठाई गई इन मांगों के बाद अब राज्य सरकार पर इस मामले में कड़ा प्रशासनिक व राजनीतिक निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।




