जमशेदपुर : जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने स्वर्ण पदक जीता है। इस ऐतिहासिक जीत में जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी (TAA) की तीरंदाज अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़ की अहम भूमिका रही। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले के दौरान अंकिता भकत ने दबाव के क्षणों में धैर्य बनाए रखा और 10-पॉइंट्स पर सटीक निशाने साधे।
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दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया
खिताबी मुकाबले में अंकिता के साथ कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़ के शानदार तालमेल ने भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इस जीत के बाद जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है। टाटा स्टील स्पोर्ट्स विभाग, अकादमी के मुख्य कोचों और झारखंड के खेल प्रेमियों ने भारतीय टीम को बधाई दी।
टाटा आर्चरी अकादमी की तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन
अंकिता भकत की इस उपलब्धि को झारखंड के तीरंदाजी जगत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेल जगत से जुड़े लोगों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अंकिता और उनकी साथियों की उपलब्धि देश के साथ झारखंड में तीरंदाजी को भी नई पहचान देती है।
बांस के धनुष से शुरू किया था सफर
अंकिता भकत मूल रूप से सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने महज 10 वर्ष की उम्र में स्थानीय क्लब में साधारण बांस के धनुष से तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया था। उनकी प्रतिभा को देखते हुए वर्ष 2014 में जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में उनका चयन हुआ। जमशेदपुर आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों के मार्गदर्शन और विश्वस्तरीय सुविधाओं के बीच उनकी प्रतिभा को निखरने का मौका मिला। इसके बाद अंकिता ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई सफलताएं हासिल कीं। अब एशियाई खेल 2026 में महिला रिकर्व टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ ली है।





