रांची : झारखंड में किसानों को धान की उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बोनस बढ़ाने की पहल की है। खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान पर मिलने वाले राज्य सरकार के बोनस को ₹84 से बढ़ाकर ₹109 प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर तैयार इस प्रस्ताव से किसानों को प्रति क्विंटल ₹25 का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। राज्य सरकार ने इस बार सभी 24 जिलों में कुल 40 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ना, उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
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धान बोनस ₹84 से बढ़ाकर ₹109 करने की तैयारी
खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। राज्य सरकार की ओर से ₹109 प्रति क्विंटल बोनस देने का प्रस्ताव है। इसके लागू होने पर सामान्य धान के लिए कुल दर ₹2,550 प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान के लिए ₹2,570 प्रति क्विंटल हो जाएगी। पिछले वर्ष बोनस ₹84 प्रति क्विंटल था। इसे बढ़ाकर ₹109 करने के प्रस्ताव से किसानों को प्रति क्विंटल ₹25 अतिरिक्त मिल सकते हैं। हालांकि, यह प्रस्ताव है और इसके लागू होने के लिए संबंधित स्तर पर मंजूरी जरूरी है।
40 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य
विभागीय आकलन के अनुसार, केंद्र सरकार के NFSA सेंट्रल पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के लिए 19,79,412 क्विंटल धान की जरूरत का अनुमान है। इस तरह कुल जरूरत 39,39,412 क्विंटल आंकी गई है। इसी आधार पर धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 40 लाख क्विंटल करने का प्रस्ताव रखा गया है। धान खरीद की जिला-वार योजना भी तैयार की गई है। इसमें बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, रांची, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। धान की सरकारी खरीद झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से की जाएगी।
बोनस भुगतान के लिए ₹43.60 करोड़ का आकलन
40 लाख क्विंटल धान खरीद के लक्ष्य के हिसाब से ₹109 प्रति क्विंटल बोनस देने पर करीब ₹43 करोड़ 60 लाख खर्च होने का अनुमान है। इस राशि की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव योजना प्राधिकृत समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। सरकार का उद्देश्य धान की सरकारी खरीद की व्यवस्था समय पर तैयार करना है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो। इसके साथ ही राज्य की खाद्य सुरक्षा योजनाओं के लिए भी जरूरी धान उपलब्ध कराने की योजना है।
डॉ. इरफान अंसारी बोले- किसानों की खुशहाली प्राथमिकता
विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिलना चाहिए। मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार गरीबों और किसानों की सरकार है। हम किसानों की समस्याओं और उनके दर्द को समझते हैं। किसान हमारे समाज की रीढ़ हैं। किसान मजबूत होंगे, तभी हमारा समाज और राज्य मजबूत होगा।” उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार प्रयासरत है। उनके मुताबिक, बोनस बढ़ाने की पहल भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि धान की कटाई शुरू होने से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री डॉ. इरफान अंसारी इस मामले की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और विभागीय बैठकों के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। सचिव के मुताबिक, अब प्रस्ताव को कैबिनेट के पास भेजकर मंजूरी लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद ही बोनस बढ़ाने के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय स्पष्ट होगा।




