रांची : हिमांशु सिंह हत्याकांड और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा की ओर से 3 जुलाई को आहूत जमशेदपुर बंद को सवर्ण महासंघ फाउंडेशन भारत और ब्राह्मण समाज (वशिष्ठ सेवा शौर्य समिति) का समर्थन मिल गया है। दोनों संगठनों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बंद का समर्थन करते हुए हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और राज्य में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
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सवर्ण महासंघ फाउंडेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी.डी. त्रिपाठी तथा ब्राह्मण समाज के संरक्षक डॉ. दिलीप ओझा और मुन्ना चौबे ने संयुक्त बयान में कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि लोगों का कानून पर विश्वास बना रहे।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
डी.डी. त्रिपाठी ने कहा कि झारखंड में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के कारण आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी है, जिससे आम नागरिकों का भरोसा प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि हिमांशु सिंह की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि इसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके अनुसार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में चापड़बाजी, लूट, चेन छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग
ब्राह्मण समाज के संरक्षक डॉ. दिलीप ओझा और मुन्ना चौबे ने कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड के सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी भी दोषी को बचने का अवसर न मिले।
दोनों नेताओं ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की भी मांग की। इसके साथ ही मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाए, तो लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा और दोषियों को जल्द न्याय के दायरे में लाएगा।
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में दोनों संगठनों ने कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर न्याय की मांग का समर्थन करते रहेंगे और समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखते हुए न्याय की आवाज को मजबूत करने की अपील की।




