रांची: JSSC CGL परीक्षा अनियमितता मामले में जेल में बंद आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर गुरुवार को सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीआईडी और बचाव पक्ष की ओर से जमानत को लेकर अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 9 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई होगी।
अगस्त में गिरफ्तार हुई थीं सुषमा और अक्षय
JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में सीआईडी ने अगस्त महीने में अभय तिवारी की पत्नी सुषमा देवी और उनके भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया था।
वहीं, मामले में आरोपी अभय तिवारी को सीआईडी ने जुलाई महीने में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अभय तिवारी को कथित तौर पर मुख्य आरोपी/मास्टरमाइंड के रूप में चिन्हित किया गया है।
कांड संख्या 1/2025 में तीनों आरोपी गिरफ्तार
JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर दर्ज कांड संख्या 1/2025 में सीआईडी ने अभय तिवारी, उनकी पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी को आरोपी बनाया है और तीनों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
गुरुवार को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष ने जमानत के लिए अपनी दलील रखी, जबकि सीआईडी की ओर से जमानत का विरोध करते हुए अपना पक्ष रखा गया। अब इस मामले में 9 सितंबर को होने वाली विस्तृत सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
9 सितंबर को जमानत पर आगे की सुनवाई
अदालत द्वारा अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख तय किए जाने के बाद सुषमा देवी और अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
JSSC CGL परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है और मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई लगातार जारी है।




