रांची के लालपुर स्थित ऑर्किड अस्पताल में मरीज की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल में हुए इलाज और बिलिंग सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन ने तीन डॉक्टरों की टीम को अस्पताल भेजकर जांच कराई। जांच टीम ने मौके पर जानकारी लेने के बाद अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है।
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परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत रात करीब 2 बजे हो गई थी। इसके बावजूद सुबह करीब 5:30 बजे तक फार्मेसी का बिल बनाया जाता रहा। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि करीब दो घंटे की अवधि में मरीज को 200 इंजेक्शन कैसे दिए गए।
मृतक के परिजनों के मुताबिक, उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से भी की थी। उनका आरोप है कि थाना प्रभारी ने FIR दर्ज नहीं की और उन्हें शव ले जाने के लिए कहा गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की ओर से मामले की प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लगने की बात कही गई।
इसके बाद परिजन विधायक इरफान अंसारी के आवास पहुंचे और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। परिजनों ने विधायक से मामले में कार्रवाई की मांग की।
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परिजनों का यह भी कहना है कि वे काफी समय से अस्पताल में मौजूद हैं। इसी दौरान परिवार की एक महिला सदस्य की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
फिलहाल सिविल सर्जन की जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। मरीज की मौत का कारण, इलाज के दौरान दी गई दवाओं और इंजेक्शन तथा मौत के बाद हुई बिलिंग से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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