रामगढ़ : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ बीते 21 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है। रामगढ़ स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और सभी मोर्चों के अध्यक्षों की मासिक बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में कौन-कौन हुए शामिल?
इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की। बैठक में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत से पहले जिला कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार युवाओं और छात्रों के साथ अन्याय व अत्याचार कर रही है। छात्र पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रों की मुख्य मांग पिछले 7 सालों में आयोजित हुई तमाम भर्ती परीक्षाओं (JSSC और JPSC) की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की है। साहू ने आरोप लगाया कि पिछले 7 वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में जमकर धांधली हुई है और सरकार ने युवाओं की नौकरियों को बेचने का काम किया है।
दिल्ली प्रदर्शन और राहुल गांधी पर हमला
आदित्य साहू ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश का विषय बन गया है। हाल ही में दिल्ली में एनडीए के सांसदों ने भी छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई थी।
उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी की निंदा की। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
दुमका में आयोजित होगी अगली बैठक
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि यह मासिक बैठक पार्टी की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाती है और पिछले कार्यों की समीक्षा होती है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश पदाधिकारियों की अगली मासिक बैठक दुमका में आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू, गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह सहित सभी मोर्चों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद थे।




